डॉक्टरों ने इसे लाइलाज बताते हुए इलाज करने से मना कर दिया। बताया जाता है कि इसके बाद से अंजू मानसिक रूप से परेशान रहने लगा। रविवार दोपहर करीब 12 बजे वह पैदल ही गांव से तीन किलोमीटर दूर ट्रैक पर पहुंचा और बड़े भाई जसविंदर को फोन कर कहा कि ‘भाई ! अब मैं जा रहा हूं, मेरे जाने के बाद परिवार का सही ढंग से ध्यान रखना’।
इतना कहने के बाद उसने फोन काट दिया और सामने से आ रही ट्रेन के सामने कूद गया। आसपास के खेतों में काम कर रहे ग्रामीणों ने इसकी जानकारी लक्सर कोतवाली पुलिस को दी।
एसएसआई राकेश कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और शव कब्जे में लिया। शिनाख्त करने पर पुलिस ने पूर्व प्रधान जसविंदर को घटना की जानकारी दी। अंजू की मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है।