माली हालत कमजोर होने से पिता आग में बुरी तरह झुलसे बच्चे को हायर सेंटर नहीं ले जा सका और दर्द से कराहते-कराहते बेटे की मौत हो गई। बेबस बाप कुछ नहीं कर पाया।
मूलरूप से सहारनपुर निवासी राजपाल अपने 13 वर्षीय बेटे और नौ वर्षीया बेटी वंशिका के साथ नन्हेड़ा अनंतपुर गांव में किराए पर रह रहा था। बृहस्पतिवार रात यह परिवार गैस सिलेंडर की लीकेज से लगी आग की चपेट में आ गया था।
पिता को बचाने गए दोनों बच्चे आग की चपेट में आ गए थे। तीनों को नन्हेड़ा अनंतपुर निवासी लोगों ने पास के एक निजी अस्पताल पहुंचाया। हालत गंभीर होने से डाक्टर ने उन्हें हायर सेंटर ले जाने की सलाह दी लेकिन कमजोर माली हालत के चलते राजपाल स्वयं और दोनों बच्चों का प्राथमिक उपचार कराने के बाद घर लौट आया। हालत ज्यादा नाजुक होने से देर रात एक बजे वंश ने दम तोड़ दिया।
शुक्रवार सुबह राजपाल ने ग्रामीणों की मदद से बेटे का अंतिम संस्कार कर दिया। बताया जा रहा है कि इसी बीच नन्हेड़ा अनंतपुर के ग्राम प्रधान संदीप सैनी मौके पर पहुंचे और राजपाल और उसकी बेटी की गंभीर हालत देखते हुए रुड़की सिविल अस्पताल पहुंचाया।