कांवड़ मेले के लिए तैयार किए गए सुरक्षा के घेरे में प्रशासन ने एटीएस (एंटी टेररिस्ट स्क्वायड) को भी शामिल कर लिया है। शुक्रवार को कांवड़ मेले की सुरक्षा व्यवस्था को अंतिम रूप दिया गया।
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आतंकी खतरे के मद्देनजर एटीएस भी मेला क्षेत्र में उतार दी गई है। बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वायड राउंड द क्लॉक मेला क्षेत्र में सक्रिय रहेंगे। खुफिया विभाग को भी अलर्ट जारी कर दिया गया है।
शुक्रवार को डीआईजी गढ़वाल रेंज पुष्पक ज्योति ने यहां पहुंचकर पुलिस लाइन रोशनाबाद में कांवड़ मेला ड्यूटी पर आए पुलिस फोर्स को आवश्यक निर्देश दिए। डीआईजी ने कहा कि कांवड़ियों की धार्मिक भावना का सम्मान करते हुए व्यवहार करें।
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पिछले वर्ष की तुलना में इस बार कांवड़ यात्रा में अधिक कांवड़ियों के पहुंचने की उम्मीद है, लिहाजा सतर्कता बरतना आवश्यक है। ड्यूटी के दौरान बेवजह मोबाइल फोन का इस्तेमाल न करें।
डीआईजी ने कहा कि कोई भी कांवड़िया अफवाह फैलाने की कोशिश करेगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, इसलिए शरारती तत्वों पर भी निगाह रखी जाए। सीमा पर कांवड़ वाहन को बिना चेकिंग के अंदर न आने दें।
ये है भारी वाहन का प्लॉन
एसपीओ की भी मदद ली जाए ताकि उस क्षेत्र की समस्या का निदान हो पाए। उन्होंने रेस्टोरेंट, ढाबों और दुकानों पर रेट लिस्ट चस्पा कराने के भी निर्देश दिए।
जिलाधिकारी दीपक रावत ने प्रशासन की ओर से भी हरसंभव मदद की बात कही। कहा कि सेक्टर प्रभारियों और पुलिस के प्रभारियों के बीच बेहतर तालमेल रहे, इस पर नजर रखें।
एसएसपी कृष्ण कुमार वीके ने पुलिस प्रशसन की ओर से किए गए प्रबंधों की जानकारी दी। इस दौरान एसपी अभिसूचना बीजे सिंह समेत अनेक पुलिस और अर्द्घसैनिक बलों के अफसर और कर्मचारी मौजूद रहे।
ये है भारी वाहन का प्लॉन
कांवड़ मेले के प्रथम चरण में दस जुलाई से पंद्रह जुलाई तक भारी वाहन केवल 11 बजे से चार बजे तक आ जा सकेंगे। 16 से 21 जुलाई तक भारी वाहन बिल्कुल भी नहीं आ सकेंगे।
कांवड़ मेले की शुरुआत नौ जुलाई की रात से होगी। 12 जुलाई से 16 जुलाई तक पंचक रहेंगे। डाक कांवड़ की धूम 18 जुलाई से रहेगी। 21 जुलाई को जल चढ़ना है। मेला क्षेत्र को छह डिवीजन, 25 जोन और 98 सेक्टर में बांटा गया है।
डिवीजन की कमान एएसपी के हाथ में होगी। जोन में सीओ और सेक्टर के इंचार्ज निरीक्षक होंगे। बीडीएस और डॉग स्क्वायड की छह टीमें तैनात की गई है। एटीएस की दो टीम भी राउंड द क्लॉक मेला क्षेत्र में मौजूद रहेगी।
वॉच टॉवर से भी दिन रात निगरानी होगी। ड्रोन कैमरे से मेला क्षेत्र में निगाह रखी जाएगी। दो रिवर एंबुलेंस भी रहेंगी ताकि भीड़ होने पर मरीज को हरकी पैड़ी से ललतारौपुल तक तुरंत उपचार के लिए भेजा जा सके।
जल पुलिस की भी पूरी टीम मुस्तैद रहेगी। 83 पुलिसकर्मी भी कांवड़ियों के वेष में सक्रिय रहेंगे। घुड़सवार पुलिस की पांच टीमें मेला क्षेत्र में सक्रिय रहेंगी। चोर, उठाईगीरों, जहरखुरानों, भिखारियों, जेबकतरों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए एक स्क्वॉयड गठित किया गया है। 9 डीजे प्वाइंट, 13 पैदल डायवर्जन प्वाइंट और 14 यातायात डायवर्जन और 18 पार्किंग स्थल बनाए गए हैं।
इतनी फोर्स रहेगी तैनात
नौ एएसपी, 23 सीओ, 58 एसओ इंस्पेक्टर, 185 एसआई, 29 महिला एसआई, 160 मुख्य आरक्षी, 1538 कांस्टेबल, 167 महिला कांस्टेबल, तीन यातायात निरीक्षक, 11 टीएसआई, 26 हेड कांस्टेबल यातायात, 111 कांस्टेबल यातायात, 12 कंपनी पीएसी और आईआरबी, छह कंपनी पैरामिलिट्री फोर्स, 50 प्रशिक्षु महिला दारोगा, 185 प्रशिक्षु महिला कांस्टेबल, 138 प्रशिक्षु उप निरीक्षक विशेष श्रेणी की तैनाती की गई है।