41 बड़े बकायेदारों की संपत्ति जब्त की जाएगी। इन बकायेदारों से बैंक को 30.50 करोड़ वसूलना है। उत्तराखंड राज्य सहकारी बैंक ने करोड़ों का ऋण लेकर राशि दबाने वाले 41 बड़े बकायेदारों की संपत्ति जब्त करने की तैयारी शुरू की है।
बैंक प्रबंधन ने आरबीआई के सरफेसी एक्ट के तहत बकायेदारों को तीन नोटिस जारी कर बकाया राशि जमा करने के लिए 60 दिन का समय दिया था। जिसकी अवधि पूरी हो गई है। अब मजिस्ट्रेट की स्वीकृत के बाद अंतिम नोटिस देकर संपत्तियों को कुर्क करने की कार्रवाई की जाएगी। इन बकायेदारों से बैंक को 30.50 करोड़ की बकाया वसूलना है।
हरिद्वार बाईपास रोड स्थित उत्तराखंड राज्य सहकारी बैंक कार्यालय में प्रेसवार्ता में राज्य सहकारी बैंक अध्यक्ष दान सिंह रावत व प्रबंध निदेशक दीपक कुमार ने बताया कि बैंक की ओर से बकाया ऋण वसूली के लिए विशेष अभियान चलाया गया है। एनपीए (नॉन परफॉरमिंग असेट) के लिए आरबीआई ने सरफेसी एक्ट बनाया है। राज्य सहकारी बैंक की बोर्ड बैठक में इस एक्ट का बकाया राशि वसूल करने के लिए अपनाने का फैसला लिया है।
20 लाख से अधिक बकाया ऋण राशि के 41 बकायेदारों को बैंक की ओर से तीन नोटिस जारी किए गए हैं। इसके बावजूद भी बकाया राशि जमा नहीं कराई गई है। अब इन बकायेदारों की संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई शुरू की जा रही है।