उच्च हिमालयी क्षेत्रों के गांवों में रहने वाले उत्तराखंड की सीमावर्ती लोगों ने एसएसबी और आईटीबीपी पर कुछ आरोप लगाए हैं।
इन लोगों ने एसएसबी और आईटीबीपी पर मनमानी करने के आरोप लगाए हैं। सोमवार को भाजपा नेता महेंद्र बुदियाल के नेतृत्व में लोगों ने एसडीएम पारितोष वर्मा को ज्ञापन भी सौंपा।
लोगों ने एसडीएम को बताया कि 1998 में छियालेख में इनरलाइन की व्यवस्था शुरू की गई थी। इसके बाद से स्थानीय गांवों के लोगों को प्रधान की ओर से जारी प्रमाणपत्र और वोटर आईडी दिखाकर छियालेख से आगे जाने की अनुमति दी जाती थी।
आरोप है कि अब छियालेख से आगे जाने के लिए स्थानीय लोगों को बेवजह परेशान किया जा रहा है। उनसे एसडीएम की ओर से जारी परमिट दिखाने को कहा जा रहा है। यही नहीं छियालेख से 10 किमी पहले लमारी और मालपा में ही लोगों से परमिट दिखाने को कहा जा रहा है।
यदि सीमांत इलाके में सुरक्षा बलों का यही रवैया रहा तो तनाव की नौबत आ सकती है। एसडीएम पारितोष वर्मा ने कहा कि आईटीबीपी और एसएसबी के अफसरों को पत्र लिखा गया है। स्थानीय लोगों के लिए किसी प्रकार का प्रतिबंध नहीं है। सिर्फ इस समय नेपाल के नागरिकों की आवाजाही पर रोक लगाई गई है।