केदारनाथ के दर्शन के लिए देश भर से 12 हजार श्रद्धालुओं ने उत्तराखंड आने की इच्छा जता बुकिंग करा ली है।
इस साल चारधाम यात्रा में आने वाले यात्रियों की संख्या को लेकर सरकार उत्साहित है। केदारनाथ और बदरीनाथ धाम यात्रा शुरू करने को लेकर सरकार पूरी तरह तैयार और आश्वस्त दिख रही है। जबकि गंगोत्री और यमुनोत्री यात्रा मार्गों को फिलहाल बेहतर नहीं मान रही है।
लगातार हो रही बारिश, बर्फबारी और ग्लेश्यिर की वजह से इन यात्रा मार्गों की मरम्मत में दिक्कतें आ रही है। बावजूद सरकार 20 अप्रैल तक सड़क मार्ग और अन्य कमियों को पूरा करने का दावा कर रही है। तीर्थाटन और पर्यटन मंत्री दिनेश धनै ने मंगलवार को यात्रा से जुड़े विभागों के आलाधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की जानकारी ली।
पर्यटन मंत्री ने माना कि अभी बर्फ और बारिश चुनौती बनी है। बावजूद देशभर से आए टूर ऑपरेटर भी केदारनाथ की तैयारियों से संतुष्ट होकर लौटे हैं। यात्रा शुरू होने से पहले चारों धाम तक सड़क, वहां बिजली की व्यवस्था, खानपान और यात्रियों के ठहरने की पर्याप्त व्यवस्था की जा रही है।
चारधाम यात्रा की निगरानी कर रहे अपर मुख्य सचिव राकेश शर्मा ने बताया कि चारों धाम तक सड़क का नेटवर्क 15-20 दिनों में पूरा हो जाएगा। उन्होंने बताया कि पीडब्ल्यूडी युद्धस्तर पर काम कर रही है। बीआरओ अपने हिस्से की सड़क बनाने में सक्षम नहीं होगा तो पीडब्ल्यूडी उसकी मदद करेगी।
उन्होंने स्वीकारा कि गंगोत्री केयात्रा मार्ग की स्थिति अच्छी नहीं है। सूखीटॉप के आसपास 15-20 किलोमीटर के रास्ते में नालों की वजह से सड़क बह जा रही हैं। बावजूद यात्रा बाधित न हो इसके लिए वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था की जाएगी।
एसीएस ने बताया कि बदरीनाथ मार्ग में लामबगड़ और सिरोबगड़ दो जगहों पर भूस्खलन से यात्रा रुकती है। इस पैच पर एसडीआरएफ की टीमें मलबा हटाने की मशीनों केसाथ मौजूद रहेंगी। सिरोबगड़ के इलाके में लोगों के रुकने के लिए कुछ अस्थाई व्यवस्था भी रहेगी।
आपातकाल में अतिवृष्टि के दौरान अगर यात्रा कई घंटों के लिए रुकती है तो लोगों को ठहराने की व्यवस्था होगी। उनका कहना है जिन इलाकों में ग्लेश्यिर पिघल कर आएं हैं अभी दिक्कत नहीं है लेकिन मानसून में दिक्कत जरूर आएगी। उन्होंने बताया कि केंद्रीय एजेंसी की मदद से सिरोबगड़ के स्थाई हल पर भी काम किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि बदरीनाथ में यात्रियों के ठहरने की पर्याप्त व्यवस्था है लिहाजा भीड़ प्रबंधन की आवश्यकता नहीं है। केदारनाथ धाम के आसपास के सात स्थानों पर तीन से चार हजार यात्रियों के रुकने की व्यवस्था कर ली गई है। इसके अतिरिक्त अन्य जगहों पर कैंप भी लगाए जाएंगे।
थ्री जी और सेटेलाइट फोन की सुविधा
सरकार ने बीएसएनएल की मदद से थ्री जी और सेटेलाइट फोन की सुविधा भी मुहैया कराने की तैयारी कर रही है। बीएसएनएल फिलहाल दो जगहों सोनप्रयाग और बदरीनाथ में थ्री जी सुविधा देने को तैयार है।
बीएसएनएल अतिरक्त टॉवर भी लगा रहा है। अपर मुख्य सचिव ने बताया कि केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिक सचिव उत्तराखंड के दौरे पर आ रहे हैं इस दौरान उनके अनुरोध किया जाएगा कि अधिक सुविधा उपलब्ध कराएं। अगर राज्य सरकार को भुगतान भी करना पड़ेगा तो तैयार है।
सम्पन्न यात्रियों के लिए चार हेलीकॉप्टर
केदारनाथ के दर्शन कराने के लिए सरकार निजी कम्पनियों के सहयोग से एक साथ चार हेलीकॉप्टर चलाने जा रही है। अपर मुख्य सचिव राकेश शर्मा का कहना है कि दिल्ली, जौलीग्रांट, गुप्तकाशी आदि से केदारनाथ पहुंचने की सुविधा उपलब्ध होगी। केदारनाथ में नीचे बनाया गया हेलीपैड एक साथ दो हेलीकाप्टर ऑपरेट कर सकता है।
ऊपर बनाए गए हेलीपैड का इस्तेमाल आपातकाल में ही किया जाएगा ताकि कंपन आदि से ग्लेश्यिर में नुकसान न हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि हेलीकॉप्टर के किराये को लेकर सरकार कोई हस्तक्षेप नहीं करेगी।
उनका कहना है कि इस सुविधा का इस्तेमाल चूंकि सम्पन्न लोग करते हैं और बेहतर सुविधा के बदले भुगतान कर सकते हैं। सरकार यात्री किराये को लेकर किसी झंझट में नहीं पड़ना चाहती लेकिन कई कम्पनियां होने से दरों को लेकर प्रतिस्पर्धा का लाभ यात्रियों को ही मिलेगा।
केदारनाथ में तेज बर्फबारी
मंगलवार दोपहर से केदारनाथ में तेज बर्फबारी हो रही है। मौसम खराब होने से दोपहर से पुनर्निर्माण कार्य ठप हो गए थे। चमोली जिले के बदरीनाथ, हेमकुंड साहिब, रुद्रनाथ, गौरसों बुग्याल, औली, नंदा घुंघटी, तुंगनाथ के साथ ही ऊंची चोटियों पर जमकर हिमपात हुआ।
मंगलवार सुबह से आसमान में हल्के बादल छाए रहे। इस दौरान हल्की धूप भी निकली। दोपहर बाद तेज गर्जना और बिजली चमकने के साथ बारिश शुरू हो गई। जनपद के अन्य ऊंचाई वाले इलाकों में तेज बारिश शुरू हो गई। उधर, केदारनाथ में सुबह मौसम साफ रहा, लेकिन दिन चढ़ने के साथ यहां बादल छाने शुरू हो गए थे।
इस दौरान हल्की बूंदाबांदी के साथ रुक-रुककर कर बर्फ की फुआरे भी गिरती रही। पिछले कई दिनों से मौसम के खराब होने से यहां संचार व्यवस्था भी हिचकोले खा रही है। धाम में दिनभर बीएसएनएल की कनेक्टिविटी बाधित रही है, जिसे किसी भी संपर्क नहीं हो सका।