दिल्ली के विश्व पुस्तक मेले में हिंदी की लघु पत्रिका बनास जन के ओमप्रकाश वाल्मीकि पर प्रकाशित विशेषांक का लोकार्पण हुआ।
पढ़ें, अब 42 तक मिल सकेगी सरकारी नौकरी
शब्द संधान प्रकाशन के तत्वावधान में हुए एक संक्षिप्त आयोजन में युवा आलोचक और दलित लेखन को समर्पित डॉ बजरंग बिहारी तिवारी ने अंक का लोकार्पण किया।
पढ़ें, 'मौत' के बीच रहने को मजबूर उत्तराखंड के 337 गांव
तिवारी ने इस अवसर पर कहा कि बनास जन ने जरूरी काम को ठीक समय पर किया है, जिस पर ध्यान दिया जाना चाहिए। तिवारी ने अंक में भंवर लाल मीणा द्वारा लिखे गए सुदीर्घ साक्षात्कार को उपलब्धि बताया।
पढ़ें, इस कब्रिस्तान में आना पसंद करते हैं लोग
आयोजन की अध्यक्षता कर रहे कोलकाता से आये वरिष्ठ आलोचक शंभुनाथ ने कहा कि अपने समय के सही सवालों से टकरा कर ही कोई लघु पत्रिका सार्थक हो सकती है।
पढ़ें, ऐसा बैनर बनवाया तो चुनाव से नामांकन खारिज
इस अवसर पर राजस्थान से आये वरिष्ठ कवि सदाशिव श्रोत्रीय संवेद के संपादक किशन कालजयी पक्षधर के संपादक विनोद तिवारी चौपाल के संपादक कामेश्वर प्रसाद सिंह कथन की संपादक संज्ञा उपाध्याय युवा कवि अशोक कुमार पांडेय सहित बड़ी संख्या में लेखक और पाठक उपस्थित थे।
पढ़ें, तेल, शैंपू लीजिए और बिजली का बिल जमा कीजिए
अंत में बनास जन के संपादक पल्लव ने सभी का आभार मानते हुए कहा कि इस अंक को प्रकाशित कर बनास जन की पूरी टीम गहरे संतोष का अनुभव कर रही है।