बोहरी गांव में आयोजित ग्यास सांस्कृतिक महोत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रही। लोक कलाकारों ने लोक संस्कृति की मनमोहक छटा बिखेरी। लोक गायकदिलीप सिरमौरी और अज्जू तोमर के गीतों का जादू लोगों के सिर चढ़कर बोला।
सांस्कृतिकसंध्या का शुभारंभ जिला पंचायत सदस्य सूर्य प्रताप सिंह चौहान उर्फ राजा और हंस फाउंडेशन के सदस्य पं. मुन्ना लाल नौटियाल ने संयुक्त रूप से किया। उन्होंने मंदिर के सौंदर्यीकरण के लिए 51-51 हजार रुपये देने की घोषणा की। सांस्कृतिक कार्यक्रमों का शुभारंभ गायक किशन निराला ने परशुराम देवता की वंदना हांमे देवा भगीत तेरे राखिया देवा सबुका ख्याल, देवा रे देवा परशुराम देवा ले के साथ की। इसके बाद लोग गायक आनंद शर्मा के मंच पर आते ही परिसर तालियों से गूंज उठा। उनके झूटी खाई ते कसीमो, हे मेरे नारिण गीत पर लोग खूब झूमे। हिमाचली गायक दिलिप सिरमौरी के मुवदी तो जाणों शिमला, देहरादनू आया तू उर्मिला घंमदी, सीधी सादी थी गांव की बबली गीत गाते ही दर्शक दीर्घा में मौजूद लोग खुद को थिरकने से नहीं रोक सके। अज्जू तोमर ने सावणी, सपनों की राणी, परतीता हो परतीमा गीत की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में लोक गायक धर्मेंद्र परमार, अरविंद राणा, नरेश बादशाह, शांति वर्मा, संजना राज, ममता आर्य, मुकेश वर्मा, मोहन भारती, सुरेंद्र भारती, बारू खन्ना ने भी लोक गीतों की मनमोहक प्रस्तुति दी। इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष अमर सिंह चौहान, रोहित पुंडीर, जीवन सिंह, सुल्तान सिंह, वीरेंद्र सिंह, बारू सिंह चौहान, महेंद्र सिंह, प्रीतम सिंह चौहान, शमशेर परमान, भगत सिंह राठौर आदि मौजूद रहे।