शनिवार शाम चिन्यालीसौड़ से देवीसौड़ जा रही दो मोटर बोट पर टिहरी झील के बीच में एक लकड़ी फंस गई। बोट में सवार दिचली और गमरी पट्टी के करीब 50 लोगों की सांसे अटकी रहीं। आधा घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद ऑपरेटरों ने किसी तरह दोनों बोटों को झील के किनारे पहुंचाया, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली।
देवीसौड़ पुल के टिहरी झील में समाने के बाद से दिचली और गमरी पट्टी के 42 गांव के ग्रामीणों के लिए चिन्यालीसौड़ से देवीसौड़ तक बोट का संचालन हो रहा है। शनिवार शाम साढ़े सात बजे भी दिचली-गमरी के पट्टी के करीब 50 लोग दो बोटों में सवार होकर चिन्यालीसौड़ से देवीसौड़ जा रहे थे कि बीच झील में अचानक बोटें लकड़ी के लपेटे में आकर फंस गई।
बोटों के बीच झील में खड़ी होने से सवार लोगों में हड़कंप मच गया। बोट आपरेटरों ने आधा घंटे की मशक्कत के बाद किसी तरह बोट देवीसौड़ वाले छोर तक पहुंचाई, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली।
हो सकता है कभी भी बड़ा हादसा
मोटर बोट में सवार बधाण गांव के महावीर असवाल, दिनेशचंद, जगवीर, देवीसौड़ की उमा देवी, पुष्पा रमोला ने बताया कि बोट के बीच झील में फंसने से सब लोग घबरा गए थे, लेकिन ऑपरेटरों की सूझबूझ से उनकी जान बच गई। उन्होंने मोटर बोट संचालन स्थल देवसौड़ तथा चिन्यालीसौड़ में लाइट की व्यवस्था करने की मांग की है। बताया कि अंधेरा होने के कारण की बोट फंस रही है।
अंधेरे में नहीं चलेगी बोट
मोटर बोट आपरेटरों ने संचालन स्थल पर लाइट की व्यवस्था नहीं होने तक अंधेरा होने के बाद मोटर बोट नहीं चलाने का निर्णय लिया है। आपरेटर जय प्रकाश, दिनेश, विजय ने बताया कि आजकल शाम सात बजे तक अंधेरा हो जाता है। अंधेरा होने से मोटर बोट संचालन में दिक्कत आ रही है। ऐसे में जब तक लाइट की व्यवस्था नहीं होती है, तब तक वे अंधेरे में बोट संचालन कर रिस्क नहीं लेंगे।
मोटर बोट संचालन स्थल पर टीएचडीसी पुनर्वास विभाग को लाइट की व्यवस्था करने को कहा गया है। यदि अब तक लाइट नहीं लगी, तो संबंधित विभाग के अधिकारियों को फिर से निर्देशित किया जाएगा।
-विजयनाथ शुक्ल, एसडीएम चिन्यालीसौड़।