राजधानी देहरादून में लगातार बढ़ रहे डेंगू के मरीजों ने प्राइवेट अस्पतालों की परेशानी बढ़ा दी है। स्थिति यह है कि प्रतिदिन प्राइवेट अस्पतालों से 25-30 यूनिट ब्लड की डिमांड आ रही है।
इसके लिए विभिन्न अस्पतालों में भर्ती डेंगू के मरीजों के परिजनों को दून अस्पताल का चक्कर भी काटना पड़ रहा है। सीएमआई, सिनर्जी सहित शहर में तमाम बड़े और छोटे अस्पताल हैं, जहां रोजाना नए-नए डेंगू से पीड़ित मरीज आ रहे हैं।
प्लेटलेट्स की मांग बढ़ी
उन्हें प्लेटलेट और ब्लड चढ़ाने के लिए अस्पतालों के पास खुद की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में अस्पताल प्रबंधन को दून अस्पताल की ओर टकटकी लगानी पड़ रही है। यही कारण है कि दून अस्पताल के ब्लड बैंक में ब्लड और प्लेटलेट्स की मांग बढ़ गई है, हालांकि इस संबंध में प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डा. आरएस असवाल का कहना है कि दून अस्पताल के ब्लड बैंक में ब्लड की कमी नहीं है। अभी 466 यूनिट ब्लड उपलब्ध है। इसके अलावा 46 यूनिट प्लेटलेट्स है। उन्होंने बताया कि फिलहाल दून अस्पताल में डेंगू से पीड़ित 34 मरीजों का इलाज चल रहा है।
डेंगू का कहर जारी, 39 नए मरीज आए
सोमवार को शहर के विभिन्न अस्पतालों में 39 नए मरीज भर्ती कराए गए। इसमें देहरादून के अलावा पड़ोसी राज्यों के मरीज शामिल हैं। पूर्व विधायक रणजीत सिंह वर्मा की पत्नी निर्मला सिंह, भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष सुशील चौहान को सीएमआई में भर्ती कराया गया है।
विधायक फुरकान को वायरल की शिकायत होने पर देहरादून स्थित सीएमआई में भर्ती किया है। बुखार की शिकायत होने पर उनके खून की जांच की गई, जिसमें डेंगू के लक्षण नहीं मिले। सबसे अधिक महंत इंद्रेश अस्पताल में 24 मरीज भर्ती कराए गए हैं। इसमें 11 मरीज सहारनपुर, पांच देहरादून, चार हरिद्वार, एक सिरमौर, दो बिजनौर और एक विकासनगर का शामिल है। सीएमआई में सात मरीजों को सोमवार को दाखिल कराया गया। दून अस्पताल में आठ नए मरीज भर्ती कराए गए।