मसूरी नाले बंद होने से मालरोड़ में बारिश होते ही पानी का तालाब बनने से पैदल घुमने वाले पर्यटकों
- 4 जून को नगर पालिका, लोनिवि और जल संस्थान करेंगे संयुक्त निरीक्षण, नालों को खोलने की प्रक्रिया होगी शुरू
- स्थानीय लोगों ने बरसात से पहले नालों की सफाई और अतिक्रमण हटाने की मांग की
मसूरी । मसूरी में मानसून की दस्तक से पहले ही नालों और खालों की बदहाल स्थिति ने लोगों की चिंता बढ़ा रही है। हाल ही में हुई बारिश और ओलावृष्टि के दौरान कई स्थानों पर बंद पड़े नालों का पानी और मलबा सड़कों पर बहता दिखाई दिया जिससे जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई। माल रोड पर जलभराव से पर्यटकों को सड़क पार करने के लिए रेलिंग का सहारा लेना पड़ा।
स्थानीय निवासी विजय सिंह और राजवीर सिंह ने बताया कि बारिश होते ही माल रोड के गढ़वाल टैरेस क्षेत्र में सड़क तालाब में तब्दील हो जाती है। आरोप लगाया कि पालिका और लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) नालों की समय पर सफाई नहीं करा रही है। शहर के कई नालों पर अतिक्रमण होने के साथ उनमें निर्माण सामग्री और मलबा डाला जा रहा है जो बरसात में सड़कों पर आकर जनजीवन को प्रभावित करता है।स्थानीय लोगों ने पालिका और संबंधित विभागों से सभी नालों और खालों की व्यापक सफाई कराने व अतिक्रमण हटाने की मांग की है। उनका कहना है कि ब्रिटिश काल के कई पुराने नाले पूरी तरह बंद हो चुके हैं जिनकी पुनर्स्थापना के लिए विशेष अभियान चलाया जाना चाहिए।
नगर पालिका के ईओ गौरव भसीन ने बताया कि चार जून को लोनिवि और जल संस्थान के साथ संयुक्त निरीक्षण किया जाएगा जिसके बाद नालों को खोलने की प्रक्रिया शुरू होगी। वहीं, लोनिवि के ईई राजेश कुमार ने मंत्री की समीक्षा बैठक में नालों को शीघ्र खोलने का आश्वासन दिया है।
मसूरी नाले बंद होने से मालरोड़ में बारिश होते ही पानी का तालाब बनने से पैदल घुमने वाले पर्यटकों