दिव्यांग महावीर सिंह हो चाहे दिव्या या फिर सुरेंद्र सिंह, घर के आंगन से बाहर आ-जा नहीं सकते। बावजूद वे आगामी विधानसभा चुनाव में अपना मताधिकार का प्रयोग करेंगे।
उन्हें बूथ तक लाने और घर भेजने के लिए जिला प्रशासन ने योजना बनाई हैं। इन सहित जनपद में 1748 दिव्यांग मतदाता आगामी 15 फरवरी को अपने निकट के पोलिंग बूथ पर मतदान कर केदारनाथ व रुद्र्रप्रयाग विधानसभा से विधायक चुनने में बड़ी भूमिका निभाएंगे।
इन दिव्यांग मतदाताओं को पोलिंग बूथ पर लाने और वोट देने के बाद घर भेजने की जिम्मेदारी शिक्षा, समाज कल्याण व सैनिक कल्याण विभाग के साथ एनसीसी व एनएसएस के स्वयं सेवियों को दी गई है। इस दौरान प्रशासन यह भी नजर रखेगा कि चिन्हित दिव्यांग मतदाताओं में कितने ने वोट दिया और कितने वंचित रह गए।
जो पोलिंग बूथ तक नहीं पहुंच पाए, वे किन कारणों से नहीं पहुंचे, इसका जबाब संबंधित अधिकारियों को देना होगा। प्रशासन ने आगामी चुनाव में जिले में 80 प्रतिशत मतदान का लक्ष्य रखा है। ऐसे में दिव्यांग वोटर को मतदान केंद्र तक लाने व ले जाने वालों की जिम्मेदारी और भी बढ़ गई है।
जिले में दिव्यांग वोटर चिन्हित किए जा रहे हैं। वे भी अपने मताधिकार का प्रयोग कर लोकतंत्र को मजबूत बनाएं, इसके लिए विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं। इसके लिए विभागों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस पूरे कार्य के निरीक्षण के लिए भी अलग से अधिकारी नामित किए जाएंगे।
- रंजना, जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग