रुड़की के गंगनहर कोतवाली क्षेत्र के सुनहरा स्थित पाइप फैक्ट्री में शनिवार देर रात सिलसिलेवार धमाकों से इलाका दहल गया। धमाके इतने तेज थे कि आसपास के घरों में दरारें आ गईं।
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दहशत में लोग आए घरों से बाहर
आवाज सुनकर दहशत में आए लोग आनन-फानन में बाहर निकल गए। घरों में दरारें देख गुस्साए लोगों ने फैक्ट्री पर पथराव कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने हंगामा कर रहे लोगों को किसी तरह शांत कराया। पुलिस के अनुसार, धमाकों से जान-माल का नुकसान नहीं हुआ।
भट्ठी की ट्यूब में हुआ धमाका
गंगनहर कोतवाली क्षेत्र स्थित सुनहरा में पुरुषोत्तम पाइप फैक्ट्री है। शनिवार रात को फैक्ट्री की भट्ठी में लोहा पिघलाया जा रहा था। बताया जा रहा है कि रात करीब दो बजे अचानक भट्ठी की ट्यूब में एक तेज धमाका हो गया।
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इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता एक के बाद एक पांच और धमाके हो गए। धमाके इतने तेज थे कि फैक्ट्री के आसपास रहने वाले साधुराम, जितेंद्र सिंह, नारायण, राजेंद्र आदि के मकानों की दीवारों पर दरारें पड़ गईं।
फैक्ट्री में पहले भी हो चुका है धमाका
इस पाइप फैक्ट्री में पहले भी धमाका हो चुका है। ग्रामीणों के मुताबिक, 22 जून 2012 की सुबह करीब साढ़े सात बजे एक धमाका हुआ था, जिससे कई लोगों के मकानों में दरारें आ गई थीं। ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग की थी। बाद में मामला किसी तरह निपटा था।
पुलिस को नहीं मिली तहरीर गंगनहर कोतवाली के कार्यवाहक प्रभारी विद्यादत्त जोशी का कहना कि फैक्ट्री की भट्ठी की ट्यूब में विस्फोट हुआ था। फैक्ट्री में जान-माल का नुकसान नहीं हुआ है।
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उन्होंने बताया कि पुलिस को अभी तक तहरीर नहीं मिली है। मामले में अगर तहरीर मिलती है तो कार्रवाई की जाएगी।
एसडीएम के आदेश पर एक भट्ठी हुई थी बंद
ग्रामीणों के अनुसार, फैक्ट्री में दो साल पहले हुए धमाकों के बाद लोग एसडीएम कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए थे। तब प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर जाकर भट्ठी का निरीक्षण किया था।
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बताया जा रहा है कि इस फैक्ट्री परिसर में दो प्लांट चल रहे हैं, जिस प्लांट की भट्ठी में विस्फोट हुआ था उसकी भट्ठी को तत्कालीन एसडीएम ने 10 जुलाई 2013 को बंद करा दिया था। लेकिन इस प्लांट की दूसरी भट्ठी अब भी चल रही है।
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इसी भट्ठी की ट्यूब में शनिवार रात विस्फोट हुआ। इस भट्ठी को भी बंद कराने के लिए आसपास के लोग आठ माह से अधिकारियों को शिकायतें करते आ रहे है। कई बार फैक्ट्री के बाहर भी ग्रामीण प्रदर्शन कर चुके हैं।
फैक्ट्री में धमाकों के बाद ग्रामीणों को फिर अपनी सुरक्षा की चिंता सताने लगी है। आसपास के ग्रामीण पहले भी कई बार धरना-प्रदर्शन कर चुके हैं।
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ग्रामीण राजेंद्र चौधरी, राजरानी शर्मा, केपी सिंह, सोनू कश्यप, अविनाश, अजय चौधरी, सरोज बाला, प्रमिला, दीपक कुमार आदि का कहना है कि प्रशासन उनकी शिकायतों पर ध्यान नहीं दे रहा है।
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ग्रामीणों ने आर-पार की लड़ाई करने का ऐलान किया। जल्द ही एसडीएम कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा।