मोबाइल पर आने वाली कॉल के स्ट्रांग सिग्नल, मोबाइल की ओवरचार्जिंग कुछ ऐसी वजहें हैं, जिनकी वजह से मोबाइल कभी भी फट सकता है, कभी भी जान लेवा हो सकता है।
देहरादून में एक युवक की जेब में रखा मोबाइल फटने के बाद इन वजहों पर फिर नजर दौड़ाना जरूरी है। सहारनपुर चौक स्थित मोबाइल फोन रिपेयरिंग के कार्य से जुड़े सागर के अनुसार फोन की बैटरी में लीथियम और कैडमियम होता है, जो हवा या नमी के संपर्क में आने पर प्रतिक्रिया करता है।
इसीलिए बैटरी को प्लास्टिक, मैटल की कई परतों से हार्ड सील किया जाता है। यह सील कुछ हद तक ऊष्मा अवरोधी होती है।
मोबाइल को चार्जिंग में लगाते हैं तो हीट जनरेट होती है। ऐसे में जब कॉल आती है तो उसके स्ट्रांग सिग्नल की वजह से यह हीट कई गुना बढ़ जाती है। बैटरी का कवर पिघलने से भीतर के एक्स्प्लोसिव मैटीरियल का हवा से संपर्क होता है और यह फट जाती है।