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उत्तराखंड में भ्रष्टाचार पर जीरो टोलरेंस के दावे के बीच दागी अफसर को मिला 'इनाम'

Wed, 19 Apr 2017 10:15 AM IST
नलिनी गुसाईं/ अमर उजाला, देहरादून
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- फोटो : demo pic
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उत्तराखंड भ्रष्टाचार पर जीरो टोलरेंस के सरकारी दावे के बीच कई घोटालों में विजिलेंस जांच का सामना कर रहे समाज कल्याण निदेशालय हल्द्वानी में तैनात सहायक निदेशक एनके शर्मा को शासन ने दून में मनचाही पोस्टिंग दे दी है।
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शर्मा के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले भी जांच चल रही है। एनके शर्मा ने जांच के लिए बार-बार दून आने की बात को आधार बनाते हुए पोस्टिंग मांगी थी। शर्मा ने अब कार्यालय आने-जाने के लिए गाड़ी की मांग भी की है।

एनके शर्मा पर विभागीय योजनाओं का पैसा हड़पने का आरोप है। यह भी आरोप है कि शर्मा ने अनुसूचित जाति-जनजाति उपयोजना का पैसा स्कूल और ट्रस्ट को देकर उस पर शनि मंदिर और गेस्ट हाउस बना लिया। इसी तरह से अनुसूचित जनजाति अवस्थापना फंड का पैसा फर्जी फर्म बनाकर हड़प लिया। इस पैसे से नारी निकेतन में कार्य दिखाए गए, जो पूरी तरह से फर्जी था।
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मामलों की पुष्टि होने के बाद विजिलेंस जांच शुरू हुई

मामले सामने आने पर शर्मा के खिलाफ विभागीय जांच बैठी। जांच में मामलों की पुष्टि होने के पश्चात विजिलेंस जांच शुरू हुई। विजिलेंस जांच के लिए शर्मा को दून आना होता है।

इस बाबत उन्होंने शासन को पत्र लिखा कि बयान दर्ज कराने के लिए बार-बार हल्द्वानी से दून आने-जाने में परेशानी होती है, इसलिए उन्हें दून में ही तैनाती दे दी जाए। इस पर शासन की ओर से मंगलवार को शर्मा को अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग के सचिव पद पर तैनाती दे दी गई। इसका आदेश अपर सचिव समाज कल्याण मनोज चंद्रन ने जारी कर दिया।

एनके शर्मा पर जो आरोप हैं, उनकी वजह से पिछले 14 सालों से उन्हें कोई प्रमोशन नहीं दिया गया है। जहां तक उनकी दून में तैनाती की बात है तो स्वास्थ्य कारणों के चलते उन्हें इस पद पर लाया गया है। बाकी प्रकरणों की जांच चल रही है।
- मनोज चंद्रन, अपर सचिव, समाज कल्याण
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