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उत्तराखंड: प्रदेश में ब्लैक फंगस से पहली मौत, रिकॉर्ड 17 केस मिले, यूपी के पांच लोग भी शामिल

Sun, 16 May 2021 11:18 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ऋषिकेश

सार

उत्तराखंड में ब्लैक फंगस अब जानलेवा होने लगा है। अभी तक प्रदेश में कई लोगों में ब्लैक फंगस की पुष्टि हो चुकी है। वहीं, अब मौत के मामले भी सामने आने लगे हैं।
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एम्स ऋषिकेश - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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विस्तार
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अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश में ब्लैक फंगस से पहली मौत हुई है। वहीं एम्स में भर्ती उत्तराखंड के 12 और यूपी के पांच कोविड मरीजों में ब्लैक फंगस का संक्रमण मिला है। सबसे अधिक पांच संक्रमित हरिद्वार जिले के रहने वाले हैं। एम्स के विशेषज्ञों की टीम ने इनमें से 11 संक्रमितों की आंखों की सर्जरी भी कर दी है।

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एम्स में ब्लैक फंगस से मृतक  युवक कोविड संक्रमण से पीड़ित था। कुछ दिनों पहले देहरादून से रेफर होने बाद उसे एम्स में भर्ती कराया गया था। जांच के दौरान युवक में ब्लैक फंगस के संक्रमण की पुष्टि हुई थी। देहरादून निवासी 36 वर्षीय युवक की ब्लैक फंगस से शुक्रवार दोपहर को ही मौत हो गई थी, लेकिन इसकी जानकारी रविवार को सामने आई। इस दौरान ब्लैक फंगस के संदिग्ध लक्षणों के चलते कई अन्य मरीजों की जांच भी की गई। जिसके बाद 16 और मरीज ब्लैक फंगस से संक्रमित पाए गए। इनमें 12 मरीज उत्तराखंड के हैं, जिनमें हरिद्वार के चार, देहरादून के चार, काशीपुर का एक, उधमसिंह नगर का एक और अल्मोड़ा का एक मरीज शामिल है।

उत्तराखंड में कोरोना : ब्लैक फंगस को न करें नजरअंदाज, लक्षण दिखने पर डॉक्टरी सलाह लें
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वहीं अन्य पांच संक्रमित उत्तर प्रदेश के शामली, अलीगढ़, बिजनौर, मेरठ और शिवनगर के रहने वाले हैं। इनमें से 10 मरीज 50 से 81 आयुवर्ग के हैं। वहीं छह संक्रमित 35 से 49 आयुवर्ग के हैं। एम्स प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए 11 लोगों की सर्जरी कर दी है। सर्जरी के बाद सभी मरीजों का स्वास्थ्य समान्य बताया जा रहा है। इसके साथ एम्स प्रशासन ने कोविड संक्रमितों में ब्लैक फंगस की जांच के लिए एक 15 सदस्यीय विशेषज्ञों की कमेटी का गठन भी किया है।

ब्लैक फंगस से संक्रमित एक 36 वर्षीय युवक की मौत हुई है। इसके अलावा 16 और लोगों में ब्लैक फंगस का संक्रमण मिला है। इनमें से 11 लोगों की सर्जरी कर दी गई है। अस्पताल में भर्ती कोविड संक्रमितों की जांच के लिए विशेषज्ञों की 15 सदस्यीय समिति गठित की गई है।
- प्रोफेसर रविकांत, निदेशक, एम्स, ऋषिकेष

कैसे चलता है संक्रमण का पता

नेत्र रोग विशेषज्ञ डा. राजे सिंह ने बताया कि काले फंगस (म्यूकरमाइकोसिस) की जांच के लिए मरीज की छाती और सिर का सीटी स्कैन किया जाता है। जैसा संक्रमण का नाम है वैसे ही सीटी स्कैन में छाती या सिर में कालापन नजर आता है। अधिकांश डायबटीज, किडनी, हाई शुगर लेवल के मरीजों के संक्रमण की जद में आने की संभावना अधिक रहती है। इस बीमारी में कई मरीजों के आंखों की रोशनी चली जाती है। कुछ मरीजों के जबड़े और नाक की हड्डी गल जाती है। अगर समय रहते संक्रमण पर नियंत्रण न पाया गया तो इससे मरीज की मौत भी हो सकती है।

संक्रमण के लक्षण
आंखें और नाक लाल होना, बुखार, सिरदर्द, खांसी, सांस लेने में तकलीफ, खून की उल्टी, मानसिक स्थिति में बदलाव।

कैसे रहें संक्रमण से सुरक्षित
- ब्लड शुगर लेवल जांचने के साथ कंट्रोल में रखें,।
- जरूरत पड़ने पर स्टेरॉयडस ध्यान से लें।
- ऑक्सीजन थेरेपी के दौरान स्वच्छ पानी का प्रयोग करें।
- एंटीबायोटिक्स और एंटीफंगल दवाइयों का सावधानी से प्रयोग करें।
- जब भी बाहर जाएं, मास्क जरूर पहनें।
- गार्डन में काम करते समय जूते दस्ताने जरूर पहनें।
- संदिग्ध लक्षण होने दिखने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें ।
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ऊधमसिंह नगर में मिले ब्लैक फंगस के लक्षण वाले दो मरीज

अल्मोड़ा के बाद अब ऊधमसिंह नगर जिले में भी ब्लैक फंगस के लक्षण वाले दो मरीज मिले हैं। इनमें एक मरीज सितारगंज में मिला है, जिसे रुद्रपुर के मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है जबकि दूसरा मरीज रुद्रपुर के आवास विकास कॉलोनी का रहने वाला है। उसे ऋषिकेश एम्स भेजा गया है। 

सितारगंज क्षेत्र के एक गांव निवासी बुजुर्ग (62) पूर्व में कोरोना संक्रमित पाए गए थे। वह शुगर के भी मरीज थे। संक्रमण के दौरान उनके दांत में दर्द और मुंह में सूजन बढ़ गई थी। इस पर नगर के एक निजी अस्पताल में 8 मई को उनका सीटी स्कैन कराया गया। इसके बाद 13 मई को उन्होंने बरेली में एमआरआई कराया, जिसमें उनके ब्लैक फंगस से ग्रसित होने की पुष्टि हुई है।

बुजुर्ग को अब इलाज के लिए रुद्रपुर के मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। इस मामले में कोविड-19 के नोडल अधिकारी एसीएमओ डॉ. अविनाश खन्ना ने बताया कि सितारगंज क्षेत्र के बुजुर्ग की अभी कोई रिपोर्ट नहीं मिली है। अगर, ब्लैक फंगस का कोई मरीज मेडिकल कॉलेज में भर्ती है तो जांच के बाद शासन को रिपोर्ट भेजेंगे और मरीज का इलाज कराया जाएगा।

इधर, आवास विकास रुद्रपुर निवासी एक मरीज में भी ब्लैक फंगस के लक्षण मिले हैं। उसने हल्द्वानी स्थित सुशीला तिवारी अस्पताल में जांच करवाई थी। लक्षण मिलने के बावजूद मरीज में ब्लैक फंगस की पुष्टि नहीं हो सकी। कोविड-19 के जिला नोडल अधिकारी डॉ. अविनाश खन्ना ने बताया कि मरीज को रुद्रपुर कोविड अस्पताल के अलग वार्ड में भी भर्ती कराया गया था। मरीज में ब्लैक फंगस के लक्षण मिले हैं। इसकी पुष्टि के लिए मरीज को एम्स ऋषिकेश रेफर कर दिया है। बता दें कि अल्मोड़ा जिले में भी शनिवार को एक डाक्टर के बुजुर्ग पिता में ब्लैक फंगस से लक्षण मिले थे, जिसके बाद उन्हें हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल रेफर कर दिया गया था। 
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