नेत्र रोग विशेषज्ञ डा. राजे सिंह ने बताया कि काले फंगस (म्यूकरमाइकोसिस) की जांच के लिए मरीज की छाती और सिर का सीटी स्कैन किया जाता है। जैसा संक्रमण का नाम है वैसे ही सीटी स्कैन में छाती या सिर में कालापन नजर आता है। अधिकांश डायबटीज, किडनी, हाई शुगर लेवल के मरीजों के संक्रमण की जद में आने की संभावना अधिक रहती है। इस बीमारी में कई मरीजों के आंखों की रोशनी चली जाती है। कुछ मरीजों के जबड़े और नाक की हड्डी गल जाती है। अगर समय रहते संक्रमण पर नियंत्रण न पाया गया तो इससे मरीज की मौत भी हो सकती है।
संक्रमण के लक्षण
आंखें और नाक लाल होना, बुखार, सिरदर्द, खांसी, सांस लेने में तकलीफ, खून की उल्टी, मानसिक स्थिति में बदलाव।
कैसे रहें संक्रमण से सुरक्षित
- ब्लड शुगर लेवल जांचने के साथ कंट्रोल में रखें,।
- जरूरत पड़ने पर स्टेरॉयडस ध्यान से लें।
- ऑक्सीजन थेरेपी के दौरान स्वच्छ पानी का प्रयोग करें।
- एंटीबायोटिक्स और एंटीफंगल दवाइयों का सावधानी से प्रयोग करें।
- जब भी बाहर जाएं, मास्क जरूर पहनें।
- गार्डन में काम करते समय जूते दस्ताने जरूर पहनें।
- संदिग्ध लक्षण होने दिखने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें ।
अल्मोड़ा के बाद अब ऊधमसिंह नगर जिले में भी ब्लैक फंगस के लक्षण वाले दो मरीज मिले हैं। इनमें एक मरीज सितारगंज में मिला है, जिसे रुद्रपुर के मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है जबकि दूसरा मरीज रुद्रपुर के आवास विकास कॉलोनी का रहने वाला है। उसे ऋषिकेश एम्स भेजा गया है।
सितारगंज क्षेत्र के एक गांव निवासी बुजुर्ग (62) पूर्व में कोरोना संक्रमित पाए गए थे। वह शुगर के भी मरीज थे। संक्रमण के दौरान उनके दांत में दर्द और मुंह में सूजन बढ़ गई थी। इस पर नगर के एक निजी अस्पताल में 8 मई को उनका सीटी स्कैन कराया गया। इसके बाद 13 मई को उन्होंने बरेली में एमआरआई कराया, जिसमें उनके ब्लैक फंगस से ग्रसित होने की पुष्टि हुई है।
बुजुर्ग को अब इलाज के लिए रुद्रपुर के मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। इस मामले में कोविड-19 के नोडल अधिकारी एसीएमओ डॉ. अविनाश खन्ना ने बताया कि सितारगंज क्षेत्र के बुजुर्ग की अभी कोई रिपोर्ट नहीं मिली है। अगर, ब्लैक फंगस का कोई मरीज मेडिकल कॉलेज में भर्ती है तो जांच के बाद शासन को रिपोर्ट भेजेंगे और मरीज का इलाज कराया जाएगा।
इधर, आवास विकास रुद्रपुर निवासी एक मरीज में भी ब्लैक फंगस के लक्षण मिले हैं। उसने हल्द्वानी स्थित सुशीला तिवारी अस्पताल में जांच करवाई थी। लक्षण मिलने के बावजूद मरीज में ब्लैक फंगस की पुष्टि नहीं हो सकी। कोविड-19 के जिला नोडल अधिकारी डॉ. अविनाश खन्ना ने बताया कि मरीज को रुद्रपुर कोविड अस्पताल के अलग वार्ड में भी भर्ती कराया गया था। मरीज में ब्लैक फंगस के लक्षण मिले हैं। इसकी पुष्टि के लिए मरीज को एम्स ऋषिकेश रेफर कर दिया है। बता दें कि अल्मोड़ा जिले में भी शनिवार को एक डाक्टर के बुजुर्ग पिता में ब्लैक फंगस से लक्षण मिले थे, जिसके बाद उन्हें हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल रेफर कर दिया गया था।