कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि कोरोना महामारी और ब्लैक फंगस पर नियंत्रण के लिए सरकार लगातार चिकित्सा सेवाओं का विस्तार कर रही है। कोरोना की तीसरी लहर की आशंका से अभी से उससे निपटने की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। तीसरी लहर में बच्चों के लिए घातक बताया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि डीआरडीओ द्वारा बनाए जा रहे 500-500 बेड के कोविड अस्पतालों (आईडीपीएल और हल्द्वानी) में 25 प्रतिशत बेड बच्चों के लिए आरक्षित करने के निर्देश दिए गए हैं। ऋषिकेश आईडीपीएल और हल्द्वानी में बनाए जा रहे हैं। जिनका 24 मई को आईडीपीएल और 25 मई को हल्द्वानी का उद्घाटन हो जाएगा।
गणेश जोशी ने कहा कि ब्लैक फंगस के इलाज में इस्तेमाल होने वाले इंजेक्शन की पहली खेप पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि ब्लैक फंगस का अन्य दूसरे मरीजों तक इंफेक्शन न फैले, इसलिए मरीजों को एक जगह इलाज करने के निर्देश भी दिए गए है। ग्रामीण क्षेत्रों में अस्पतालों के लिए आयुष चिकित्सकों की तीन सौ से अधिक भर्ती निकालने जा रही है।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि सभी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में बच्चों के इलाज के लिए समुचित इंतजाम करने के आदेश भी दिए गए हैं। ग्रामीण अस्पतालों में दस-दस बेड बनाए जा रहे हैं। इनमें पांच-पांच बेड ऑक्सीजन युक्त होंगे। इनमें आयुष चिकित्सकों की ड्यूटी समय बढ़ाकर शाम पांच बजे तक कर दी है।
देहरादून जिला जेल के एक कैदी की शुक्रवार को इलाज के दौरान जौलीग्रांट अस्पताल में मौत हो गई। उसे तबियत बिगड़ने के बाद पांच अप्रैल को जौलीग्रांट अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वह धोखाधड़ी आदि मामले में जेल में बंद था।
जेल अधीक्षक श्वेता चौबे ने बताया कि अंडर ट्रायल कैदी दयाल रयाल (74वर्ष ) निवासी श्यामपुर खादरी को धोखाधड़ी के मामले में दिसंबर 2020 में जेल में दाखिल किया गया था। पांच अप्रैल को तबियत खराब होने के बाद उसे पहले दून अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
जहां से उसे एम्स ऋषिकेश में रेफर किया गया। उसी दिन उसे एम्स से जौलीग्रांट अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहां वहा वेंटीलेटर पर था। शुक्रवार को कैदी की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि कैदी की कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आई है। अन्य कारणों से उनकी मौत हुई है।
दो कैदी निकले कोरोना पॉजिटिव
देहरादून जेल में दो कैदी और पॉजिटिव पाए गए हैं। दोनों की आज रिहाई होनी थी। दोनों को दून अस्पताल भेज दिया गया है। अन्य कैदियों की रिपोर्ट निगेटिव आई है। जेल अधीक्षक श्वेता चौबे ने बताया कि शुक्रवार को सामान्य प्रक्रिया के तहत कुछ कैदियों की रिहाई होनी थी।
रिहाई के दौरान सभी कैदियों का कोरोना टेस्ट कराया जाता है। शुक्रवार को दो कैदियों का कोरोना टेस्ट पॉजिटिव पाया गया। जबकि इनमें कोरोना के कोई लक्षण नहीं थे। दोनों को दून अस्पताल भिजवा दिया गया है। बाकी कैदियों को टेस्ट के बाद रिहा कर दिया गया है। गुरुवार को भी एक कैदी कोरोना पॉजिटिव पाया गया था।