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उत्तराखंड : प्रदेश में ब्लैक फंगस के 31 नए मरीज मिले, एक की मौत, कुल मरीजों की संख्या 192

Sat, 29 May 2021 08:39 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी हेल्थ बुलेटिन के अनुसार शनिवार को देहरादून जिले में 22 और नैनीताल जिले में नौ मरीजों में ब्लैक फंगस की पुष्टि हुई है।
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ब्लैक फंगस (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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प्रदेश में ब्लैक फंगस के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। शनिवार को देहरादून और नैनीताल जिले में 31 नए मरीज मिले हैं। जबकि देहरादून में एक मरीज की मौत हुई है। अब तक ब्लैक फंगस के कुल मरीजों की संख्या 192 और 15 मरीजों की मौत हो चुकी है। 

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स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी हेल्थ बुलेटिन के अनुसार शनिवार को देहरादून जिले में 22 और नैनीताल जिले में नौ मरीजों में ब्लैक फंगस की पुष्टि हुई है। प्रदेेश में अभी तक ब्लैक फंगस के मामले देहरादून, ऊधमसिंह नगर और नैनीताल जिले में मिले हैं।
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ब्लैक फंगस: इलाज में इंजेक्शन पर हो रहा पांच लाख का खर्चा, एक मरीज को लगने होते हैं 75 से 100

देहरादून जिले में सबसे अधिक 175 और नैनीताल जिले में 16 मरीज हो गए हैं। जबकि ऊधमसिंह नगर में एक मरीज भर्ती है। तीनों जिलों में अब तक ब्लैक फंगस के 15 मरीजों की मौत हो चुकी है। 13 मरीज ठीक हो चुके हैं। 

प्रदेश में कोरोना संक्रमित मामले कम हो रहे हैं, लेकिन ब्लैक फंगस के मरीज बढ़ने से स्वास्थ्य विभाग के सामने चुनौती बढ़ रही है। हालांकि, अभी तक ब्लैक फंगस के मामले तीन मैदानी जिलों में मिल रहे हैं।

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निजी अस्पतालों को निशुल्क नहीं है ब्लैक फंगस का इंजेक्शन

ब्लैक फंगस के मरीजों के इलाज के लिए निजी अस्पतालों को इंजेक्शन निशुल्क नहीं है। केंद्र सरकार की ओर से तय कीमत पर ही निजी अस्पतालों को दो तरह के एक इंजेक्शन 5400 रुपये और दूसरा दो से तीन सौ रुपये में दिया जा रहा है। सरकार का कहना है कि आयुष्मान कार्ड पर सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में ब्लैक फंगस के कैशलेस इलाज की सुविधा है। 

सचिव स्वास्थ्य अमित सिंह नेगी ने कहा कि प्रदेश में ब्लैक फंगस के इंजेक्शन की कोई कमी नहीं है। ब्लैक फंगस इलाज के लिए दो तरह के इंजेक्शन हैं। केंद्र की ओर से इंजेक्शन की दरें तय हैं। उन्हीं दरों पर निजी अस्पतालों को इंजेक्शन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इंजेक्शन निशुल्क नहीं हैं।

अस्पतालों को इसका भुगतान करना होगा। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में ब्लैक फंगस का निशुल्क इलाज किया जा रहा है। जबकि आयुष्मान कार्ड पर सूचीबद्ध अस्पतालों में ब्लैक फंगस की कैशलेस की सुविधा है। जिन मरीजों के पास आयुष्मान कार्ड नहीं है, उन्हें इलाज के खर्चे का भुगतान करना होगा। 

सचिव ने कहा कि कोरोना संक्रमित मरीजों और ठीक होने वालों में ब्लैक फंगस पाया जा रहा है। कोरोना इलाज के लिए सरकार ने दरें पहले की तय की हैं। वहीं, इन्हीं दरों पर निजी अस्पताल ब्लैक फंगस का इलाज उपलब्ध कराएंगे। 

इन अस्पतालों में ब्लैक फंगस का इलाज 

प्रदेेश सरकार ने ब्लैक फंगस के इलाज के लिए 12 कोविड अस्पतालों को अधिकृत किया है। जिसमें देहरादून जिले में एम्स ऋषिकेश, दून मेडिकल कॉलेज, श्री महंत इन्दिरेश हॉस्पिटल, सीएमआई, हिमालयन हॉस्पिटल, आर्डिनेंस फैक्टरी हॉस्पिटल, मैक्स हॉस्पिटल, हरिद्वार जिले में विनय विशाल हॉस्पिटल, एमएच हॉस्पिटल, जया मैक्स वेेल हॉस्पिटल, नैनीताल जिले में सुशीला तिवारी मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी, पौड़ी जिले में राजकीय मेडिकल कालेज श्रीनगर को अधिकृत किया है। 
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