द्विवेदी से सवाल किया गोदियाल जब बीकेटीसी के अध्यक्ष थे, तो क्या उन्हें सारे काम के निर्देश राहुल गांधी या प्रियंका गांधी से मिलते थे। भाजपा में ऐसी परंपरा नहीं है। कहा कि हमारी लड़ाई किसी व्यक्ति या दल से नहीं है, बल्कि पारदर्शिता और जवाबदेही के लिए है। स्पष्ट किया कि बदरी-केदार की पवित्रता और श्रद्धालुओं के विश्वास से कोई समझौता नहीं होगा। जो भी दोषी होगा उसे दंड मिलेगा। यदि कोई निर्दोष है, तो उस पर आरोप लगाने वालों को करारा जवाब दिया जाएगा।
द्विवेदी ने कहा, बीकेटीसी अध्यक्ष पद पर मेरा 14 महीने का कार्यकाल है, मैंने मंदिर समिति से अपने साथ कोई स्टाफ नहीं रखा है। हमने निर्णय लिया कि सारा स्टाफ फील्ड में काम करेगा। जबकि गोदियाल के साथ 10 से 12 लोगों को स्टाफ रहता था। गोदियाल का कहना है कि मैंने एक रुपये भी अध्यक्ष रहते हुए नहीं लिए, जबकि विधानसभा से विधायक की तनख्वाह लेने के साथ बीकेटीसी से भी सभी लाभ लिए थे। प्रेसवार्ता में प्रदेश सह मीडिया प्रभारी राजेंद्र नेगी, प्रदेश प्रवक्ता मथुरा दत्त जोशी, मीडिया संपर्क संयोजक हरीश चमोली मौजूद रहे।