भाजपा ने प्रचंड मोदी लहर में प्रदेश की पांचों लोकसभा सीट तो जीत ली, लेकिन कांग्रेस के दुर्ग कहे जाने वाले सात विधानसभा क्षेत्रों में से चार को भेदने में कामयाब नहीं रही। इसलिए कांग्रेस उन क्षेत्रों के चार विधायकों को सलाम कर रही है। हरिद्वार और देहरादून जिले की इन चार सीटों पर पार्टी के विधायकों की पकड़ मजबूत साबित हुई। इसके चलते कांग्रेस अन्य जगहों की तरह यहां मोदी मैजिक में भी नहीं हारी।
देश अध्यक्ष प्रीतम सिंह भले ही टिहरी सीट से चुनाव हार गए हों, लेकिन जिस चकराता विधानसभा क्षेत्र का वह प्रतिनिधित्व करते हैं, वहां उन्होंने भाजपा को हावी होने नहीं दिया। इसके अलावा, हरिद्वार जिले के विधायक काजी निजामुद्दीन, फुरकान अहमद और ममता राकेश ने पूरे हौसले के साथ भाजपा की चुनौती का सामना किया, इसके चलते उनके क्षेत्र में कांग्रेस का मत प्रतिशत भाजपा से अधिक रहा। इसके ठीक विपरीत, डॉ.इंदिरा हृदयेश, गोविंद सिंह कुंजवाल और करन माहरा जैसे सात कांग्रेस विधायक हैं, जो अपने-अपने क्षेत्रों में पार्टी को उखड़ने से नहीं बचा पाए। यहां कांग्रेस ने भाजपा से काफी कम मत पाए। जाहिर तौर पर इन विधायकों की क्षेत्र में पकड़ पर अब सवाल उठ रहे हैं।