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CBI जांच को लेकर सड़क पर भाजपा महिला मोर्चा, 300 हिरासत में

Tue, 02 Feb 2016 05:37 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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नारी निकेतन में संवासिनियों के उत्पीड़न की सीबीआई जांच करवाने की मांग पर भाजपा ने सीएम आवास कूच करने के साथ ही मुख्यमंत्री पर बड़ा हमला बोला है। भाजपा महिला मोर्चा के कूच के दौरान बेरिकेडिंग पर पुलिस और महिला कार्यकर्ताओं में जमकर झड़प हुई। इसमें 35 महिलाएं और 12 महिला पुलिसकर्मी चोटिल हुई हैं।
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पुलिस ने 300 से अधिक महिलाओं को हिरासत में लिया। पुलिस लाइन ले जाकर शाम को सभी को छोड़ दिया गया। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने सीएम के मौन पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि अगर सरकार को थोड़ी भी शर्म है तो पूरे प्रकरण की सीबीआई से जांच कराए।

सोमवार को भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश भर से बड़ी संख्या में आई महिलाएं सुभाष रोड स्थित एक वेडिंग प्वाइंट में एकत्र हुईं। मोर्चा को समर्थन देने पार्टी के वरिष्ठ नेता और पुरुष कार्यकर्ताओं ने भी उपस्थिति दर्ज कराई। करीब दो घंटे वेडिंग प्वाइंट में वरिष्ठ नेताओं ने नारी निकेतन प्रकरण पर मुख्यमंत्री हरीश रावत और सरकारी तंत्र को कोसते हुए उनके खिलाफ कार्यकर्ताओं में जोश भरा।
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पुलिस और भाजपा कार्यकत्रियों में जमकर धक्कामुक्की

दोपहर करीब डेढ़ बजे जुलूस की शक्ल में महिला कार्यकर्ताओं ने ओल्ड सर्वे चौक, बहल चौक, दिलाराम चौक होते हुए सीएम आवास कूच किया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हाथीबड़कलां चौकी से पहले बेरिकेडिंग पर रोक दिया। महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं ने बेरिकेडिंग पार करने की कोशिश की। जिस पर महिलाओं और पुलिस कर्मियों में धक्कामुक्की हो गई।

धक्कामुक्की में महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष मंजू तिवारी बेहोश हो गईं, जबकि पौड़ी की महिला कार्यकर्ता बीरा भंडारी, रुड़की की हेमा रावत, देहरादून की बबीता सहोत्रा, सरिता गौड़ आदि चोटिल हुईं।

पीछे मौजूद प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट और महानगर अध्यक्ष उमेश अग्रवाल माइक से लगातार पुलिस अधिकारियों को महिलाओं के साथ अभद्रता, धक्कामुक्की नहीं करने की चेतावनी देते रहे। साथ ही महिलाओं पर पुरुष पुलिसकर्मियों के बल प्रयोग करने पर भी सवाल उठाए।
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35 महिलाएं और 12 पुलिसकर्मी चोटिल

दूसरी ओर से कार्यवाहक पुलिस कप्तान अजय सिंह भी माइक से पुलिसकर्मियों द्वारा अभद्रता ना किए जाने का दावा करते नजर आए। कप्तान पुलिस को संयम दिखाने का आदेश देते रहे। इस बीच कुछ महिलाओं ने सर्वे आफ इंडिया वाली दीवार पर चढ़कर पुलिस के पसीने छुड़ा दिए।

पुलिस को हल्का बल प्रयोग कर महिलाओं को हिरासत में लेना पड़ा। चोटिल महिलाओं और पुलिसकर्मियों का अलग-अलग अस्पतालों में उपचार कराया गया। उधर, पुलिस का दावा है कि 78 महिलाओं को गिरफ्तार किया गया था, जिन्हें शाम को पुलिस लाइन से छोड़ दिया गया।

प्रदर्शनकारियों में यमकेश्वर विधायक विजया बड़थ्वाल, मसूरी विधायक गणेश जोशी, केदारनाथ की पूर्व विधायक आशा नौटियाल, पूर्व महानगर अध्यक्ष नीलम सहगल, प्रदेश कार्यालय प्रमुख उर्वादत्त भट्ट, लक्ष्मी अग्रवाल, सेवलाकलां जिला पंचायत सदस्य सविता चौहान, पूर्व दर्जाधारी अजेंद्र अजय, राजेंद्र सिंह ढिल्लो, राजकुमार जायसवाल, महेश पांडे आदि मौजूद रहे।
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