अनुशासनहीनता से निपटने के लिए भाजपा सख्त फैसला ले सकती है, जिसका खामियाजा कई कार्यकर्ताओं को भुगतना होगा। अनुशासन न टूटे, इसके लिए पार्टी बंदोबस्त करना चाहती है, लेकिन इससे कोई नया बखेड़ा खड़ा न हो, इसकी भी चिंता है।
इन स्थितियों के बीच, तीन मार्च को प्रदेश पदाधिकारियों के साथ उत्तराखंड प्रभारी श्याम जाजू की अहम बैठक हो सकती है। चैंपियन प्रकरण ने भाजपा सरकार और संगठन के सामने जो चुनौती पेश की है, उसका जवाब अभी तलाशा नहीं जा सका है।
दिल्ली जाकर आग उगलने वाले खानपुर विधायक ने अगले दिन से ही रणनीतिक रूप से यू-टर्न ले लिया है। नरम रुख अख्तियार करने के बाद अब चैंपियन किस तरह का जवाब देते हैं, संगठन इसकी प्रतीक्षा कर रहा है।
इस जवाब पर ही कार्रवाई की दिशा तय होगी। इन स्थितियों के बीच, पार्टी हाईकमान अनुशासन के मसले पर ठोस रणनीति बनाने की जरूरत भी महसूस कर रहा है। भले ही चैंपियन को नोटिस देकर संगठन ने संदेश देने की कोशिश की है, लेकिन इस कार्रवाई के बाद भी वह आश्वस्त वाली स्थिति महसूस नहीं कर रहा है।
ऐसे में तीन मार्च को अहम बैठक की रूपरेखा तैयार की जा रही है। इसमें अनुशासन को लेकर चर्चा की जाएगी। भाजपा प्रदेश प्रभारी श्याम जाजू के अनुसार तीन मार्च को प्रस्तावित बैठक में अनुशासन विषय पर विशेष चर्चा होगी।