विधानसभा का बृहस्पतिवार से शुरू होने वाला दो दिवसीय सत्र में जमकर हंगामा होने वाला है। भाजपा सरकार को बजट, विधानसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव, एससी-एसटी उप योजना की राशि को खर्च न किए जाने सहित अन्य मुद्दों पर घेरने की कोशिश करेगी।
प्रतिपक्ष के नेता व भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने बुधवार को आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि सदन में भाजपा सरकार से पूछेगी कि वह कौन सा बजट लाना चाह रही है? सरकार ने तो कोर्ट में शपथ पत्र देकर कहा है कि उसका बजट पास हो चुका है। अगर 18 मार्च को सरकार का बजट पास हो गया था, तो इसे लाए जाने की क्या आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हरीश रावत केंद्र सरकार पर आरोप लगा रहे हैं कि केंद्र पैसा नहीं दे रहा है। अगर केंद्र सरकार ने पैसा नहीं दिया तो अप्रैल से जुलाई माह तक का काम कैसे चला? स्थिति यह है कि मुख्यमंत्री अपनी फर्जी घोषणाओं की मानीटरिंग नहीं कर पा रहे हैं और बजट नहीं होने का रोना रो रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस साल मई माह में सरकार ने 2340 करोड़ रुपये के सापेक्ष में 758 करोड़ रुपये का व्यय किया है, जो कि स्वीकृत राशि का 30 फीसदी है।