निकाय चुनाव के दौरान उमेश कुमार बागी उम्मीदवारों का समर्थन करने को लेकर संगठन के निशाने पर आ गए थे। लेकिन उनका बाल का बांका नहीं हो पाया। तब से काऊ अपने चुनाव क्षेत्र के भाजपाइयों की आंखों की किरकिरी माने जाते हैं।
चुनाव क्षेत्र में संगठन से जुदा उनका अपने कार्यकर्ताओं का एक समानांतर नेटवर्क है। इस नेटवर्क को वे पार्टी लाइन से हटकर भरपूर संरक्षण देते हैं। ताजा विवाद जिला पंचायत की अस्थल सीट को लेकर है, जहां से भाजपा ने वीरिसंह चौहान को समर्थन दिया है।
चौहान के खिलाफ किशन सिंह नेगी चुनाव लड़ रहे हैं, जिन्हें पार्टी ने बाहर का रास्ता दिखा दिया है। आरोप है कि नेगी काऊ के समर्थक हैं। चुनाव में काऊ नेगी के समर्थन में खुल कर हैं उनके लिए प्रचार कर रहे हैं।
ऑडियो सुर्खियों में आने के बाद काऊ की कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अलबत्ता भाजपा नेताओं की ओर से जरूर बयान आने शुरू हो गए हैं। भाजपा के प्रदेश महामंत्री और राजपुर विधायक खजान दास ने ऑडियो के परीक्षण की बात कही है।