अरुणाचल प्रदेश के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने जो फैसला दिया है भाजपा उसको उत्तराखंड में स्पीकर के खिलाफ हथियार बनाने की कोशिश करेगी।
उत्तराखंड के नौ विधायकों की सदस्यता रद्द करने संबंधी जो याचिका सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है भाजपा उसकी सुनवाई जल्दी करने का अनुरोध करेगी। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट का कहना है कि अरुणाचल प्रदेश के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिए जाने के बाद विधानसभा अध्यक्ष विधायकों को अयोग्य घोषित करने की कार्रवाई नहीं कर सकता है।
उत्तराखंड में तो विधानसभा अध्यक्ष ने अविश्वास प्रस्ताव आने के बाद नौ विधायकों की सदस्यता रद्द करने का फैसला लिया है। भट्ट ने बताया कि विधायकों की सदस्यता रद्द किए जाने को दायर की गई याचिका सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। अजय भट्ट ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने जो फैसला दिया है उसको देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल को अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।
क्योंकि 18 मार्च को हमने अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया था। बावजूद नौ विधायकों की सदस्यता रद्द कर दी गई थी। पूर्व सीएम विजय बहुगुणा ने बताया कि विधायकों की सदस्यता रद्द किए जाने के मामले में हमने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायिर की थी। सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की सुनवाई 24 अगस्त को होनी है। एक-दो दिनों में सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल कर इस मामले की सुनवाई जल्दी करने का अनुरोध किया जाएगा।