इसे कहते हैं उलटबांसी। कल तक पूर्व कैबिनेट मंत्री अमृता रावत को बर्खास्त करने की मांग पर तुली भजपा अब अमृता की बर्खास्तगी को महिलाओं का उत्पीड़न करार दे रही है।
विधानसभा सत्र के दौरान पॉली हाउस मुद्दे पर सदन न चलने वाली भाजपा महाराज की गुगली में इस कदर उलझी की पूरे चुनाव में इस मसले पर कुछ बोल ही नहीं पाई।
भाजपा चलाएगी समर्थन अभियान
मंगलवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में मीडिया से मुखातिब भाजपा महिला मोरचा की प्रदेश अध्यक्ष मंजू तिवारी ने कहा कि एक महिला कैबिनेट मंत्री को इस तरह से पद से हटाया जाना बेहद गलत है।
यह महिला उत्पीड़न ही है। भाजपा महिला मोरचा इसके खिलाफ पूरे प्रदेश में मातृशक्ति अभियान चलाएगा।
दूसरी तरफ, पदाधिकारी के लिए यह स्पष्ट करना मुश्किल हो गया कि कल तक अमृता रावत को बर्खास्त करने की मांग खुद भाजपा ही कर रही थी।
बदल गए भाजपा के सुर
विधानसभा सत्र के दौरान भाजपा ने पॉली हाउस घोटाले का आरोप अमृता रावत पर लगाया था और पूरे एक दिन तक सदन की कार्यवाही नहीं चलने दी थी।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि जांच में अगर मंत्री दोषी साबित होती तो उनके हटाये जाने से उन्हें गुरेज नहीं होता। कांग्रेस ने कैबिनेट मंत्री हरक सिंह के दबाव में आकर ही अमृता रावत को पद से हटाया है।
गढ़वाल के पूर्व सांसद और पूर्व कैबिनेट मंत्री अमृता रावत के पति सतपाल महाराज के भाजपा का दामन थाम लेने के बाद से ही भाजपा इस मामले को लेकर असहज है। पूरे लोक सभा चुनाव में भाजपा ने भूल कर भी पॉली हाउस मसले को नहीं छुआ।