बकौल भट्ट खंडूड़ी ने कहा कि पार्टी ने उन्हें बहुत कुछ दिया है और वे पार्टी के साथ खड़े हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि चुनाव प्रचार में जहां उनकी आवश्यकता होगी, वे वहां आएंगे। भट्ट के मुताबिक, कांग्रेस में जा रहे जनरल के बेटे मनीष खंडूड़ी को लेकर उनसे कोई चर्चा नहीं हुई।
खंडूड़ी के चुनाव लड़ने से मना करने के बाद अब पौड़ी लोकसभा सीट पर नए चेहरे को उतारा जाना तय हो गया है। इस सीट पर टिकट की दौड़ में एक दर्जन दावेदार हैं, लेकिन पार्टी सैन्य पृष्ठभूमि से जुड़े दावेदार पर दांव लगा सकती है।
पार्टी के पास कर्नल अजय कोठियाल, एडमिरल ओपी राणा के रूप में दो विकल्प हैं। इसके अलावा पार्टी यदि गैर सैन्य चेहरे पर दांव लगाना चाहेगी तो अनुभवी दावेदारों के तौर पर सतपाल महाराज, अमृता रावत, हरक सिंह रावत, तीरथ सिंह रावत, केएस पंवार सरीखे नाम हैं।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अजय भट्ट बेशक यह कह रहे हैं कि उनकी मनीष खंडूड़ी को लेकर उनकी जनरल से कोई चर्चा नहीं हुई। लेकिन सियासी हलकों में यह चर्चा है कि पार्टी का शीर्ष नेतृत्व ने आखिरी क्षणों तक यह प्रयास किया कि जनरल अपने बेटे मनीष को कांग्रेस में जाने से रुकवा दें। माना जा रहा है कि शुक्रवार देर शाम मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष खंडूड़ी से मिलने उनके आवास पर इसी रणनीति के तहत गए।
हालांकि सूत्रों के मुताबिक, खंडूड़ी ने भाजपा नेताओं से साफ तौर पर कहा कि बेटे मनीष का फैसला उसका अपना है और इससे उनका कोई लेना देना नहीं है। सूत्रों ने यह भी कहा कि खंडूड़ी ने मनीष से इस संबंध में बात करने और उसे कांग्रेस में जाने से रोकने को लेकर पूरी तरह इंकार कर दिया है।