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उत्तराखंड में कांग्रेस को मात देने के लिए BJP ढूंढ रही बड़ा चेहरा

Fri, 21 Oct 2016 08:44 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून

सार

  • चुनाव जीतना है तो सामने लाना होगा चेहरा 
  • कैलाश विजयवर्गीय को पार्टी पदाधिकारियों ने दिया सुझाव
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हरीश रावत - फोटो : file photo
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विस्तार
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प्रदेश में भाजपा को अगर चुनाव जीतना है तो इसके लिए आवश्यक है कि पार्टी अपना चेहरा घोषित करे। चेहरा भी ऐसा होना चाहिए जो हरीश रावत का मुकाबला कर सके  और जिसके नाम पर कोई विवाद भी ना हो। 
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यह सुझाव सोमवार को पार्टी पदाधिकारियों ने भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय को दिया है।  

गौरतलब है कि उत्तराखंड में 2017 में होने वाले विधानसभा चुनाव भाजपा के लिए प्रतिष्ठा का सवाल हैं। 18 मार्च के बाद के राजनीतिक घटनाक्रम में भाजपा कांग्रेस से मात खा चुकी है। 

पार्टी कार्यकर्ताओं ने खुलकर रखी अपनी बात
फ्लोर टेस्ट के  दौरान पार्टी की रणनीतिक कमान संभालने वाले भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय विधानसभा चुनावों को लेकर रणनीति तय करने तीन दिवसीय दौरे पर देहरादून आए हुए हैं। 
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सोमवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित बैठक के दौरान पार्टी के कई पदाधिकारियों ने खुलकर कहा है कि अगर यहां चुनाव जीतना है तो पार्टी को अपना चेहरा सामने लाना होगा। 
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चेहरा ऐसा हो जो हरीश रावत का कर सके मुकाबला

हरीश रावत - फोटो : file photo
चेहरा भी ऐसा होना चाहिए जो हरीश रावत का मुकाबला कर सके और जिसके नाम पर कोई विवाद न हो। सूत्रों के मुताबिक बैठक में कई सदस्यों ने सुझाव दिया है कि पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी या बीसी खंडूड़ी को चेहरा घोषित कर दिया जाए। 

जहां तक दूसरी पंक्ति के नेताओं को कमान दिए जाने का सवाल है तो उनको दो-तीन साल बाद भी जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। 

उत्तराखंड में लीडर घोषित किए बिना चुनाव जीतना मुश्किल
अभी सबसे बड़ा सवाल विधानसभा चुनावों में जीत हासिल करना है। यह जीत तभी हासिल हो सकती है, जब पार्टी के पास भी हरीश रावत के मुकाबले में कोई चेहरा हो। 

हालांकि विजयवर्गीय ने चुनावी सर्वे, मोदी का चेहरा और कई राज्यों में बिना किसी चेहरे के चुनाव जीतने की बात कही। 

इस पर पार्टी पदाधिकारियों ने साफ-साफ कह दिया कि उत्तराखंड में लीडर घोषित किए बिना चुनावी नाव का किनारे पर पहुंचना मुश्किल है।
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