भाजपा में दागियों को संगठन में एडजस्ट करने के मामले को लेकर शुरू हुए बवाल के बाद अब केंद्रीय नेतृत्व ने इसके समाधान की जिम्मेदारी वरिष्ठ नेताओं को सौंपी है।
प्रदेश भाजपा प्रभारी राधा मोहन सिंह ने प्रदेश अध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष व प्रदेश महामंत्री (संगठन) को संयुक्त रूप से पूरे मामले का परीक्षण कर रिपोर्ट देने को कहा है।
विधायकों का आरोप
पिछले दिनों आधा दर्जन विधायकों ने हस्ताक्षर मुहिम चलाई थी। विधायकों का आरोप है कि पिछले विधानसभा चुनाव में जिन नेताओं व कार्यकर्ताओं ने पार्टी प्रत्याशियों के खिलाफ काम किया हैं, उन्हें संगठन, युवा मोर्चा व अन्य में जगह अहम पदों पर नियुक्ति दी गई।
ये सभी ऐसा नेता हैं जिनके खिलाफ प्रत्याशियों ने लिखित में शिकायत की थी और पार्टी मुख्यालय पर रखे रजिस्टर में भी अंकित किया था।
राजनाथ सिंह को भेजापत्र
छह विधायकों ने हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह को भेजा और प्रदेश प्रभारी व नेता प्रतिपक्ष को सौंपा।
मामला बढ़ता देख प्रदेश प्रभारी राधा मोहन सिंह ने इसके लिए प्रदेश अध्यक्ष तीरथ सिंह रावत, नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट व प्रदेश महामंत्री (संगठन) संजय कुमार की संयुक्त कमेटी बनाई है।
मामले का परीक्षण
तीनों नेताओं को निर्देशित किया गया है कि जल्द बैठक कर पार्टी प्रत्याशियों द्वारा की गई लिखित शिकायतों के मद्देनजर पूरे मामले का परीक्षण किया जाए। यह भी देखा जाए कि लिखित शिकायत के बावजूद आरोपियों को कोई नोटिस भी जारी किया गया अथवा नहीं।
इनकी भी सुनिए...
केंद्रीय नेतृत्व भी विधायकों की भावनाओं से अवगत है, प्रदेश प्रभारी ने इस मामले को बारिकी से देखने को कहा है। देखा जाएगा कि प्रत्याशियों ने जो शिकायक की थी उनका क्या निस्तारण हुआ। प्रदेश अध्यक्ष से बात कर जल्द ही बैठक होगी।
- अजय भट्ट, नेता प्रतिपक्ष