विधायकी छोड़ कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए दिग्गज नेता प्रधानमंत्री द्वारा आपदा घोटाले का जिक्र करने से सकते में हैं। भविष्य में इसकी पुनरावृत्ति न हो इसकी चिंता को लेकर बागियों में मंथन मनन भी शुरू हो गया है।
चिंता यह सता रही है कि पुराने भाजपाई आगे भी अपने सियासी नफा नुकसान के चलते बेवजह ऐसे मामलों को तूल न देने लग जाएं। सूत्र बताते हैं इस पूरे प्रकरण के बाद ‘बागियों’ में आपसी एका पर भी जोर दिया जा रहा है।
परेड मैदान में 27 दिसंबर को आयोजित परिवर्तन महारैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अपने भाषण में ‘उत्तराखंड में तो स्कूटर भी पैसे खाता है..’ जिक्र करने से राज्य की सियासत गर्म है। पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा के शासनकाल में हुए आपदा राहत घोटाले के जिन्न ने प्रदेश की राजनीति को नए मोड़ पर ला दिया है। इसे लेकर जहां भाजपा कांग्रेस में घमासान मचा हुआ है, वहीं ‘बागियों’ में भी कसमसाहट है।