उनके सामने जो खड़ा था वह विधायक चैंपियन का समर्थक था, जो हार गया था। समर्थक के हारने पर विधायक चैंपियन ने अपने समर्थक से उनका फर्जी जाति प्रमाणपत्र बनवाया। इसके बाद सहारनपुर तहसील से वह फर्जी प्रमाणपत्र चोरी करवाया गया। इस बात का पता उन्हें तब चला जब वह विधायक बने।
अब उसी फर्जी प्रमाणपत्र को लेकर चैंपियन उन्हें चैलेंज कर रहे हैं। विधायक देशराज कर्णवाल यहीं नहीं रुके उन्होंने विधायक चैंपियन के नाम के आगे चैंपियन लिखने और खुद को राजा बताने पर भी सवाल खड़े किए।
कहा कि अब मैं विधायक चैंपियन से बड़ा विधायक हूं और उनसे ज्यादा क्षेत्र में काम करवाएं हैं। कहा कि चैंपियन खुद को शेर कहते हैं, यह शेर तब कहां गया था, जब हरीश रावत सरकार में उनके महल पर हमला हुआ था और वह महल छोड़कर भाग गए थे।
मैंने तब विधायक चैंपियन के पक्ष में जाकर लंढौरा में धरना दिया था। कहा कि अगर विधायक चैंपियन ने उनसे माफी नहीं मांगी तो वह सोमवार को कोर्ट में वाद दायर कर केस दर्ज करवाएंगे और उन्हें जेल भिजवाएंगे।
विधायक चैंपियन ने अपने कैंप कार्यालय पर शक्ति प्रदर्शन करते हुए दावा किया कि उनके समर्थन में क्षेत्र से ही नहीं बल्कि यूपी से भी लोग रुड़की पहुंचे हैं और वह कर्णवाल को कड़ा जवाब देंगे।
खानपुर विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन और झबरेड़ा विधायक देशराज कर्णवाल के बीच चल रहा विवाद बड़ा रूप धारण करता जा रहा है। दोनों ही विधायक एक-दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाते हुए तीखे शब्दों का प्रयोग कर रहे हैं।
विधायक चैंपियन ने कैंप कार्यालय पर प्रेस वार्ता करते हुए विधायक कर्णवाल के चैंपियन लिखने के सवाल पर पलटवार करते हुए कहा कि अगर उन्हें चैंपियन होने का प्रत्यक्ष परिणाम चाहिए तो सुबह नेहरू स्टेडियम में आकर उनसे हाथ मिलाए। कहा कि जब देशराज कर्णवाल को पता चल गया कि मैं पढ़ा लिखा हूं और पूरी केस डायरी निकलवाने के साथ ही कोतवाली में बैठकर पुलिस को लंबा कर सकता हूं तो बौखलाहट हो गई।
चैंपियन यहीं नहीं रुके उन्होंने कहा कि देशराज कर्णवाल उनके सामने कहीं भी खड़े नहीं हो सकते हैं। मैं चार बार का विधायक रहा हूं और सर्वसमाज में मेरी अपनी पहचान है। उन्होंने दावा किया कि आज उनके समर्थन में क्षेत्र के ही नहीं बल्कि यूपी से भी ओबीसी समाज के सैकड़ों लोग उनके कार्यालय पर पहुंचे हैं। जो ईंट का जवाब पत्थर से देंगे।