पालिकाध्यक्ष रहने के दौरान इमरजेंसी के समय में वह 19 महीने जेल में रहे थे। वह शुरुआत से ही जनसंघ से जुड़े और भाजपा को तराई क्षेत्र में स्थापित करने में उनका बड़ा योगदान था। सुभाष के पुत्र समीर ने बताया कि उनके पिता ने वर्ष 1977 से 1990 तक अमर उजाला में पत्रकारिता की थी।
प्रदेश की खंडूड़ी सरकार में उन्हें वर्ष 2008 में दर्जाराज्य मंत्री बनाया गया था। मंगलवार सुबह उनके निधन की सूचना मिलते ही घर पर शोक जताने वालों का तांता लग गया।
सांसद भगत सिंह कोश्यारी, विधायक राजकुमार ठुकराल, राजेश शुक्ला, जिलाध्यक्ष शिव अरोरा, मेयर रामपाल सिंह, दर्जा राज्य मंत्री सुरेश परिहार, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष राजू भंडारी, अनिल चौहान, गुरमीत सिंह, ईश्वरी प्रसाद राठौर, गुरमीत सिंह आदि ने उनके आवास पर पहुंचकर शोक जताया। कोश्यारी ने कहा कि वह सुभाष के निधन से व्यक्तिगत रूप से आहत हैं।