संजय के युवती के साथ कथित बातचीत के ऑडियो भी वायरल हुए थे। मामले में गिरफ्तारी से बचने के लिए संजय ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। न्यायाधीश न्यायमूर्ति एनएस धानिक की विशेष पीठ ने मामले में सुनवाई करते हुए फिलहाल गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है।
मीटू प्रकरण में भाजपा के पूर्व प्रदेश संगठन मंत्री संजय कुमार के खिलाफ लज्जा भंग करने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर लिया गया था।
एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने एसपी देहात सरिता डोभाल की जांच रिपोर्ट के आधार पर शहर कोतवाली पुलिस को अभियोग पंजीकृत करने के आदेश दिए थे। पीड़िता ने एसपी देहात से मिलकर आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की तहरीर दी थी।
पीड़िता ने पूर्व संगठन मंत्री संजय कुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए बीती 10 नवंबर को एसएसपी निवेदिता कुकरेती को ई-मेल के जरिये तहरीर भेज दी थी।
एसएसपी ने 11 नवंबर को एसपी देहात सरिता डोभाल को इस मामले की जांच सौंप दी थी। असुरक्षा का हवाला देकर पीड़िता लंबे समय तक सुरक्षा की गुहार लगाती रही। काफी जद्दोजहद के बाद उसने एसपी देहात के सामने आकर बयान दर्ज कराए, तब जाकर सुरक्षा मुहैय्या हो सकी।