भाजपा में प्रचंड बहुमत की खुशी से फुर्सत पाकर दिग्गज नेता अब तकलीफ जाहिर करने लगे हैं। मोदी-शाह युग में पार्टी अनुशासन उन्हें अच्छे से याद है।
इसके बावजूद, दिग्गज अब दिल की बात कहने से चूक नहीं रहे हैं। सिस्टम की लापरवाही और खुद की उपेक्षा ने शायद भाजपा के दिग्गजों को मजबूत बना दिया है।
यही कारण है कि वे सरकार और संगठन के असहज होने की चिंता किए बिना बयान दे रहे हैं। इन स्थितियों के बीच, भाजपा नेतृत्व इस बात से चिंतित है कि बयानों का ये खेल पार्टी में जाने-अनजाने गुटबाजी के मर्ज को ही हवा देगा।
लोकायुक्त एक्ट पर खंडूडी का पैंतरा
बीसी खंडूड़ी
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दिसंबर में गैरसैंण में सत्र का एलान होने के बाद लोकायुक्त एक्ट की चर्चा खुद-ब-खुद होनी शुरू हो गई थी। भाजपा ने 100 दिन के भीतर लोकायुक्त बनाने का घोषणापत्र में वायदा किया था। मौजूदा स्थिति में संबंधित एक्ट प्रवर समिति में है। सरकार लोकायुक्त एक्ट पर खुलकर कुछ नहीं बोल रही है। इन स्थितियों के बीच, पूर्व सीएम भुवन चंद्र खंडूड़ी अब लोकायुक्त पर खुलकर बैटिंग कर रहे हैं।
खंडूड़ी की सेहत पिछले कुछ समय में नासाज रही है, लेकिन उन्हें पार्टी में भरपूर तवज्जो नहीं मिली है। खंडूड़ी कह रहे हैं कि उन्हें व्यक्तिगत तौर पर बहुत दुख है कि उनकी सरकार में पास लोकायुक्त एक्ट लागू नहीं हो पाया है।
इससे पहले, खंडूड़ी ने लोकायुक्त बिल को प्रवर समिति को भेजे जाने के औचित्य पर भी सवाल उठाया था। इधर, शासकीय प्रवक्ता मदन कौशिक का कहना है कि लोकायुक्त बिल पर सरकार ने अपना काम कर दिया है। यह अब सदन की प्रापर्टी है। जल्द ही लोकायुक्त बिल पास होगा।
खफा चीमा की सिस्टम को खरी-खरी
harbhajan singh cheema
काशीपुर विधायक हरभजन सिंह चीमा भाजपा में खासी वरिष्ठता रखते हैं। तीन बार के विधायक और मंत्री पद के मजबूत दावेदार हैं। मगर फिलहाल ऐसा कोई संकेत नहीं है कि भाजपा उनकी वरिष्ठता का कोई ईनाम उनके लिए सोच रही है।
इसलिए जब-जब क्षेत्रीय विकास के उनके काम फंस रहे हैं, वे आवाज उठा रहे हैं। सोशल मीडिया पर उनका बयान वायरल हो रहा है, जिसमें वह राज्य सरकार के पास पैसे की कमी के कारण उनके क्षेत्र की सड़कों का काम लटके होने की बात कह रहे हैं।
चीमा कह रहे हैं कि मुख्यमंत्री भले आदमी हैं, लेकिन डबल इंजन की सरकार का क्या करना, जब पैसे ही नहीं है। वह उनके सड़क निर्माण के प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री की मंजूरी और फिर सचिव स्तर पर जाकर लटक जाने की बात को वीडियो में तफसील से सामने रख रहे हैं। इस मामले में शासकीय प्रवक्ता मदन कौशिक का कहना है कि सात महीने में सिस्टम को दुरुस्त करने के लिए त्रिवेंद्र सरकार ने कई अहम कदम उठाए हैं। इसका असर अगले कुछ दिनों में दिखाई देने लगेगा।