भाजपा का प्रदेश नेतृत्व अपनी ही सरकार पर उपेक्षा का आरोप लगाने वाले पार्टी विधायक संजय गुप्ता को क्षमा दान के मूड में नहीं है। विधायक के आचरण से केंद्रीय नेतृत्व भी खासा नाराज माना जा रहा है।
सूत्रों की मानें तो केंद्रीय नेतृत्व ने प्रदेश संगठन को संजय के मामले में कड़ा संदेश देने को कहा है। अनुशासनिक कार्रवाई विधायक के माफीनामे पर निर्भर करेगी। संतोषजनक जवाब न मिलने पर पार्टी विधायक को निलंबित भी कर सकती है।
सरकार के खिलाफ बयानबाजी करके लक्सर के भाजपा विधायक बड़ी मुश्किल में फंस गए हैं। पार्टी ने उनकी बेबाकी को बेहद गंभीरता से लिया है। सूत्रों की मानें तो प्रकरण पर पार्टी प्रभारी श्याम जाजू व प्रदेश सह संगठन महामंत्री शिव प्रकाश ने प्रदेश नेतृत्व से बात की है। माना जा रहा है कि केंद्रीय नेतृत्व पार्टी विधायक के रवैये से बेहद क्षुब्ध है। प्रदेश सरकार और संगठन की निगाहों में संजय का आचरण क्षमा योग्य नहीं माना जा रहा है। हालांकि कार्रवाई के मामले में प्रदेश संगठन कुछ भी कहने से बच रहा है।
‘अमर उजाला’ ने जब प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट से संपर्क किया तो उन्होंने इतना ही कहा कि विधायक को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया है और अब उनके जवाब का इंतजार किया जा रहा है। विधायक पर कार्रवाई के सवाल पर उनका कहना है कि जवाब आने से पहले वह कुछ भी कहने की स्थिति में नहीं हैं।
चैंपियन प्रकरण से अधिक गंभीर है मामला
प्रदेश भाजपा विधायक संजय गुप्ता के मामले को खानपुर के पार्टी विधायक कुंवर प्रणव चैंपियन के मामले से ज्यादा गंभीर मान रही है। दिल्ली दरबार में हाजिरी लगाकर प्रदेश सरकार के कामकाज पर सवाल उठाने वाले चैंपियन को प्रदेश संगठन ने कारण बताओ नोटिस दिया था। चैंपियन की माफी के बाद उन्हें क्षमादान दे दिया गया। लेकिन संजय गुप्ता के मामले को पार्टी इस रूप में ज्यादा गंभीर मान रही है कि वह भाजपा की कार्य संस्कृति और अनुशासन को गहराई से जानते हैं। वह पार्टी के दो बार के विधायक हैं, जबकि चैंपियन के लिए भाजपा की संस्कृति एकदम नई थी।