उत्तराखंड में हुए इस चुनाव में भाजपा ने जीत दर्ज करा दी है। इसी के साथ पद की कमान भी सौंप दी गई है। पढ़िए चुनाव से जुड़ी पूरी खबर..
उत्तराखंड सहकारी संघ (यूसीएफ) पर भाजपा का कब्जा हो गया है। यूसीएफ के कामकाज को संचालित करने के लिए गठित कई गई समिति ने बुधवार को संघ के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी घनश्याम नौटियाल को सौंपी दी।
यूसीएफ के उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी प्रदीप कुमार को सौंप दी गई। इस तरह संघ का चुनाव होने से पहले ही उस पर भाजपा काबिज हो गई है।
यूसीएफ से जुड़ी 96 विपणन समितियों की सदस्यता समाप्त किए जाने के बाद संघ के बोर्ड के 12 में से दस निदेशकों की सदस्यता स्वत: ही चली गई थी।
इसके बाद सरकार ने बोर्ड के कामकाज को संचालित करने के लिए पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया था। इसमें दो पुराने निदेशकों प्रमोद कुमार सिंह और राजेंद्र नेगी को भी शामिल किया गया था।
इसके अलावा कमेटी में अपर सचिव सहकारिता तुलसी राम, घनश्याम नौटियाल और प्रदीप कुमार को शामिल किया गया था। बुधवार को संचालन कमेटी की बैठक के दौरान यूसीएफ के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी घनश्याम नौटियाल को सौंप दी गई। यूपीएसएफ का उपाध्यक्ष प्रदीप कुमार को बना दिया। बैठक में कमेटी पांचवें सदस्य प्रमोद कुमार सिंह शामिल नहीं हुए।
प्रदेश सरकार निर्वाचित संस्थाओं को समाप्त करना चाहती है। यह 97 वें संविधान संशोधन का उल्लंघन है। सरकार नियम विरुद्ध तरीके से कार्य कर रही है। मैंने संचालन कमेटी को अपना विरोध जता दिया है।
- प्रमोद कुमार सिंह, पूर्व अध्यक्ष, यूसीएफ