एनएच-74 से जुडे़ घपले की सीबीआई जांच के मामले में बीजेपी की सरकार और संगठन दोनों फजीहत बचाने में जुट गए हैं। ये ही वजह रही कि मंगलवार को सरकार और संगठन दोनों स्तरों से सफाई दी गई।
ये भरोसा दिलाने की कोशिश की गई कि इस मामले में सरकार जीरो टॉलरेंस नीति से पीछे नहीं हटेगी। राज्य सरकार ने तो ये तक कहा है कि जरूरत पड़ी, तो वह सालिटियर जनरल के सामने भी अपना पक्ष रखेगी।
दरअसल, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की चिट्ठी आने के बाद इस मामले में बीजेपी रक्षात्मक नजर आ रही है। सीबीआई जांच की सिफारिश पर कोई फैसला हो नहीं पाया है। जितनी देर हो रही है, उतनी बीजेपी की फजीहत हो रही है। मीडिया से बातचीत में सरकार के प्रवक्ता मदन कौशिक ने कहा कि लोकतंत्र में हर वर्ग को अपना पक्ष रखने की अनुमति होती है।
नेशनल हाईवे अथारिटी ऑफ इंडिया के अफसर यदि हाईकोर्ट में अपना पक्ष रख रहे हैं, तो इसमें कोई गलत नहीं है। राज्य सरकार की मंशा साफ है। जो दोषी है, वह दंड पाएगा, जो निर्दोष है, उसके हितों की रक्षा सरकार करेगी। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो राज्य सरकार सालिटियर जनरल के सामने भी अपनी बात रखेगी।
इधर, बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता सुरेश जोशी का कहना है कि एनएच-74 घोटाला कांग्रेस के जमाने का है। बीजेपी सरकार ने तो इस मामले की गहराई से पड़ताल के लिए सीबीआई जांच की सिफारिश की है। उन्होंने कहा है कि उत्तराखंड की अवाम को निश्ंिचत रहना चाहिए कि इस मामले में दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।