भगवानपुर उपचुनाव में राजपाल सिंह ने मंगलवार को भाजपा के प्रत्याशी के रूप में अपना नामांकन दाखिल किया। नामांकन के तुरंत बाद पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष तीरथ सिंह रावत ने चुनाव कार्यालय का उद्घाटन किया।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में जंगल राज चल रहा है। कानून व्यवस्था पटरी से उतर गई है। खनन माफिया और अपराधी पूरी तरह हावी है। कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि जनता सबक सिखाएगी और भाजपा को रिकार्ड जीत दिलाएगी।
वर्ष 2012 में भी दावेदार थे राजपाल
उपचुनाव में भाजपा की ओर से मैदान में उतारे गए राजपाल वर्ष 2012 में भी दावेदार थे लेकिन तब उनको टिकट नहीं मिल पाया था। हाईकमान ने राजपाल को टिकट न देकर सुरेश राठौर को चुनाव लड़ाया था। राठौर तीसरे नंबर पर सिमट गए थे।
लेकिन उपचुनाव में राजपाल ने एक बाहरी एवं कई स्थानीय दावेदारों को पछाड़ते हुए टिकट हासिल कर लिया।
राजपाल के लिए अड़े रहे निशंक
भाजपा प्रत्याशी राजपाल सिंह को टिकट दिलाने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री एवं सांसद रमेश पोखरियाल निशंक ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। निशंक को राजपाल के लिए कई नेताओं से नाराजगी भी मोल लेनी पड़ी।
पार्टी हाईकमान पर भी निशंक ने राजपाल के लिए खूब दबाव बनाया। निशंक इन सब की परवाह किए बगैर एकतरफा राजपाल को टिकट देने के लिए अड़े रहे।