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BJP - कांग्रेस छोड़ 150 सदस्य 'आप' में हुए शामिल

Mon, 10 Aug 2015 01:26 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
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राजधानी देहरादून में बीजेपी और कांग्रेस के 150 लोगों ने आम आदमी पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली। इसके साथ ही आप का उत्तराखंड में सदस्यता अभियान भी शुरू हो गया है।
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रविवार को सहारनपुर चौक स्थित आम आदमी पार्टी के कार्यालय में नए कार्यकर्ताओं को सदस्यता ग्रहण कराई गई। आप के टिहरी और उत्तरकाशी जिला प्रभारी कुंवर जपेंद्र सिंह और पूर्व जिला संयोजक मोहन सिंह रावत ने नए सदस्यों को सदस्यता दिलाई।

कुंवर जपेंद्र सिंह ने बताया कि आप ने रविवार से प्रदेश में सदस्यता अभियान शुरू कर दिया है। इसके तहत हर जिले में प्रभारी बनाए गए हैं, जिनको नए सदस्य बनाने की जिम्मेदारी दी गई है। उन्होंने कहा कि नई सदस्यता ग्रहण करने वालों में भाजपा और कांग्रेस छोड़कर आए सदस्य शामिल हैं।
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बताया कि समारोह में कैंट, धर्मपुर, सहसपुर, रायपुर, विकासनगर आदि क्षेत्रों के सदस्य पहुंचे थे। इस दौरान ओंकार भाटिया, हरि कुमार, अमनजीत सिंह, करतार सिंह, सुबेर सिंह, दिलबाग सिंह, शाहबाज, कासिफ, राम नरेश आदि मौजूद थे।
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भाजपा, कांग्रेस ने जनता को छला

अमर उजाला, हल्द्वानी

उत्तराखंड राज्य बनने से लोगों की जो अपेक्षाएं थी उन पर कांग्रेस व भाजपा सरकारों ने कुठाराघात किया है । दोनों ही सरकारें कभी आपदा, कभी कुंभ तो कभी जमीन के घोटालों में व्यस्त होकर जनता के हितों को भूल गईं। उत्तराखंड में भी भू प्रबंधन कानून बनना चाहिए।

अवैध खनन पर रोक लगनी चाहिए। युवाओं के लिये रोजगार के अवसर खुलने चाहिए। जिससे राज्य का विकास हो और लोगों को खुशहाली मिले। उत्तराखंड क्रांति दल के केंद्रीय अध्यक्ष पुष्पेष त्रिपाठी ने यह बात पत्रकार वार्ता में कही।

त्रिपाठी का कहना था तेजी से घटती जमीनें उत्तराखंड के लिए सबसे बड़ा संकट है। कृषि के लिए मात्र छह से नौ प्रतिशत जमीन बची है। सारे विकास कार्य जनता की जमीनों पर किये जा रहे हैं।

जमीनों की खरीद फरोख्त व गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए यूकेडी के नीति पत्र 1992 के अनुसार धारा 371 जैसा भू प्रबंधन कानून बनना चाहिये।

कांग्रेस व भाजपा की जनविरोधी नीतियां इससे स्पष्ट होती है कि यूपी के समय तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती ने चार नये जिले सृजित किये लेकिन राज्य बनने के बाद कोई भी सरकार एक जिला बनाने का साहस नहीं कर पाई। राज्य में शिक्षा व स्वास्थ्य की बदहाली से ही पलायन हो रहा है।

सरकार राज्य के अस्पतालों की स्थिति सुधारने की बजाय उन्हें पीपीडी मोड में देकर निजीकरण की तैयारी कर रही है। प्रदेश के महाविद्यालयों में सीमित प्रवेश देकर युवाओं को शिक्षा के मूलभूत अधिकार से वंचित किया जा रहा है।

समूह ग की भर्तियों में गड़बड़ी फैलाने वाले दोषियों के खिलाफ भी राज्य सरकार कोई कार्रवाई नहीं कर पा रही है। वार्ता में केंद्रीय उपाध्यक्ष भुवन चंद्र जोशी, जिलाध्यक्ष दिनेश चंद्र भट्ट, प्रताप सिंह चौहान आदि मौजूद रहे।
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