वहीं, अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फ गिरने का भी अनुमान जताया गया है। वहीं, रात के समय पाला भी बढ़ जाएगा। इसका असर प्रदेश के सभी क्षेत्रों में देखने को मिलेगा।
हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में शीतलहर चलने की आशंका जताई गई है। वहीं, अन्य मैदानी क्षेत्रों में घना कोहरा छाया रह सकता है।
मौसम केंद्र निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि 48 घंटों के दौरान बारिश, बर्फबारी और शीतलहर के कारण ठंड में इजाफा होगा। हालांकि उसके बादल मौसम सामान्य रह सकता है।
बिक्रम सिंह ने बताया कि उन्होंने कहा कि नए साल के दौरान फिलहाल मौसम साफ रहने का अनुमान है।
ठंड बढ़ने का समय
आमतौर पर दिसंबर के अंतिम सप्ताह में प्रदेश में ठंड बढ़ जाती है। इस दौरान बारिश, बर्फबारी और शीत लहर से ठंड अपने चरम पर होती है। हालांकि नए साल के दौरान होने वाली बर्फबारी और दिन में पड़ने वाली गुनगुनी धूप का पर्यटक खूब लुत्फ लेते हैं।
दस वर्ष बाद 26 दिसंबर का दिन सबसे ठंडा रहा। न्यूनतम तापमान पांच डिग्री लुढ़क गया और शीतलहर और कोहरे ने हाड़ कंपा दिए। राज्य मौसम विज्ञान केंद्र ने अगले 48 घंटों के लिए मैदानी क्षेत्रों में शीतलहर का प्रकोप जारी रहने तथा पिथौरागढ़ में हल्की बारिश या बर्फबारी की संभावना जताई है।
हल्द्वानी में बुधवार की सुबह से ही धूप हल्की थी। दिन चढ़ने के साथ ही शीतलहर ने गलन बढ़ा दी। दोपहर लगभग दो बजे के बाद ठंड ज्यादा बढ़ गई। लोग मफलर, टोपी और दस्तानों पहने नजर आए। ठंड से बचने के लिए लोगों ने जगह-जगह अलाव भी जलाए। हल्द्वानी का अधिकतम तापमान 19.5 और न्यूनतम तापमान 1.5 डिग्री सेल्सियस रहा। अधिकतम तापमान सामान्य से दो और न्यूनतम तापमान सामान्य से पांच डिग्री कम रहा। मुक्तेश्वर में अधिकतम तापमान 11.0 और न्यूनतम तापमान 0.9 डिग्री सेल्सियस रहा। अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य से दो-दो डिग्री सेल्सियस कम रहे।