देहरादून। सर्दियों में देहरादून जू के वन्यजीवों को ठंड से बचाने और उनकी सेहत का ध्यान रखने के लिए खुराक में बदलाव किया जाएगा। ऐसे में जू की चिड़िया बादाम खाएंगी और हिरण गुड़ तो भालू मूंगफली चबाएंगे। इसके अलावा सांप, मगरमच्छ और दूसरे रैपटाइल्स को ठंड से बचाने के लिए हीटिंग बल्ब और हीटर लगाए जाएंगे। इसके लिए जू प्रबंधन की ओर से वन्यजीवों की खुराक में बदलाव की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं।
जू के पशु चिकित्सक डॉ. प्रदीप मिश्रा ने बताया कि सर्दियों में पक्षियों को दिए जाने वाले बीज एक दिन पहले पानी में भिगोए जाते हैं। इसके साथ ही उन्हें मौसमी फल और सब्जियां भी काटकर दी जाती हैं। तोते की प्रजातियों को सूरजमुखी के बीज दिए जाते हैं, जिनमें फैट की मात्रा ज्यादा होती है। सर्दियों में कुछ पक्षियों को तिल और राई को बीज भी दिए जाते हैं।
फीजेंट्स (पक्षी) को उबले अंडे पसंद है जबकि मकाऊ को पूरे साल अखरोट दिए जाते हैं। सर्दियों में उनके खाने में बादाम भी शामिल किए जाते हैं। शाकाहारी वन्यजीवों को हरा चारा काटकर दिया जाता है। हिरणों को पोषक तत्वों वाला तैयार चारा और मिनरल मिक्सचर भी दिया जाता है। सर्दियों में उनके खाने में गुड़ भी जोड़ा जाता है।
वहीं मांसाहारी वन्यजीवों को नियमित रूप से मांस दिया जाता है। भालुओं को चिकन, उबले अंडे, भुनी हुई मूंगफली, मौसमी फल और सब्जियां दी जाती हैं। डॉ. प्रदीप मिश्रा ने बताया कि घड़ियाल, मगरमच्छ, सांप और कछुओं जैसे रैपटाइल्स पर भी ठंड का असर पड़ता है। इस मौसम में वे ब्रूमेशन (शीतनिद्रा) में चले जाते हैं।
इस दौरान उनकी हलचल कम हो जाती है और वे खाना भी बंद कर देते हैं। ये जीव अपने शरीर का तापमान अपने आसपास के वातावरण के मुताबिक बदल देते हैं। इसलिए उनके आसपास हीटिंग बल्ब और हीटर लगाए जाते हैं ताकि सर्दियों में उनके शरीर का तापमान बना रहे।