आसन का ‘राजा’ कहे जाने वाला प्लाश फिश ईगल सोमवार को आसन बैराज झील में उतर आया।
खास बात यह है कि तीन सालों से अकेला आ रहा यह प्लाश फिश ईगल जोड़े के रूप में आसन के संसारस में उतरा है। जिसे देख पक्षी प्रेमियों में खासा उत्साह है।
अमूमन जब प्लाश फीश ईगल लंबी दूरी तय कर आसन बैराज झील पहुंचता है तो वह यहां पर घोंसला बनाकर अंडे भी देता है जो इस पक्षी की मौजूदगी को जिंदा बनाए रखने के लिए आवश्यक भी है। सर्दियां समाप्त होने के बाद यह पक्षियों का जोड़ा बच्चों के साथ यहां से उड़ जाता है। लेकिन पिछले कुछ सालों से फिश ईगल जोड़े में नहीं पहुंच रहा था।
जिससे पक्षी विशेषज्ञों के मन में चिंता है कि यदि ऐसा ही चलता रहा तो कहीं ये पक्षी विलुप्त न हो जाए। ऐसे में ईगल के जोड़े में पहुंचने से कयास लगाए जा रहे हैं कि इस बार यह पक्षी यहां घोंसला बना सकता है। वन बीट अधिकारी प्रदीप सक्सेना ने बताया कि प्लाश फीश ईगल की सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। प्लाश फीश ईगल की लोकेशन की लगातार मॉनिटरिंग जारी है।
आधे रास्ते से लौटा था वापस
पिछले साल भी प्लाश फीश ईगल अकेला ही आसन कंजरवेश्न रिजर्व पहुंचा था। लेकिन मार्च माह में घर वापसी की यात्रा के दौरान आधे रास्ते से यह फीश ईगल जोड़े में लौट आया था। लेकिन अनुकूल मौसम न होने के कारण यह पक्षी हैचिंग नहीं कर सका था। ऐसे में इस साल हैचिंग की संभावनाएं प्रबल हैं।
उत्तर पश्चिम देश से आता है प्लाश फीश ईगल
पक्षी विशेषज्ञों की माने तो प्लाश फीश ईगल सुदूर उत्तर पश्चिम के देशों जैसे अफगानिस्तान, पाकिस्तान सलीखे देशों से यहां पहुंचता है हालांकि, इस बात पर मुहर लगाना खासा मुश्किल है कि आसन बैराज झील में यह जोड़ा उत्तर पश्चिम के किस देश से यहां आता है।
इस बार प्लाश फीश ईगल जोड़े में आया है यह अच्छी बात है। मार्च माह तक यह प्लाश फीश ईगल यहां पर रुकता है। अनुकूल मौसम में आने के कारण हो सकता है कि इस बार यह यहां पर घोंसला बना लें।
- अजय शर्मा, पक्षी विशेषज्ञ