यहां कई दिन तक सैकड़ों परिवार दूषित पानी ही पीते रहे थे। बार-बार शिकायत के बावजूद विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद नलों से पानी आना बहुत कम हो गया। सोमवार को पानी आना बंद हुआ तो लोगों ने मजबूरन प्राइवेट पलम्बर बुलाकर पाइपलाइन खुलवाई। पाइप लाइन की हालत देख लोग भौचक्के रह गए।
पाइपलाइन में कबूतर के पंख और हड्डियां फंसी हुई थी। उनका कहना है कि लाइन साफ होने के बाद पानी तो आना शुरू हो गया है, लेकिन लोग इस आशंका से डरे हुए हैं कि ओवरहेड टैंक में और न जाने कौन-कौन से जानवर फंसे हो सकते हैं। क्षेत्रवासी संजय गुप्ता, संजय अत्री, अजय गुप्ता आदि ने नियमित रूप से ओवरहैड टैंक और पानी की लाइनों की सफाई कराने की मांग उठाई।