जानकारी के मुताबिक, रविवार शाम विधायक अमन मणि त्रिपाठी तीन वाहनों में सवार अपने साथियों के साथ बदरीनाथ जा रहे थे। इस बीच गोचर में उन्हें बैरियर पर रोक लिया गया।
कर्णप्रयाग के थाना प्रभारी गिरीश चंद्र शर्मा ने बताया कि जब उनसे परमिशन के बारे में पूछा गया तो वह अधिकारियों से उलझ गए, अभद्रता करने लगे। जबरन कर्णप्रयाग की ओर जाने लगे तो अधिकारियों की सूचना पर कर्णप्रयाग में पुलिस ने इनके तीनों वाहनों को रोक लिया।
यहां भी वे पुलिस से उलझते रहे, लेकिन पुलिस ने उनकी एक न सुन उन्हें बैरंग लौटा दिया। इस बीच एसडीएम वैभव गुप्ता और थाना प्रभारी गिरीश चंद्र शर्मा ने विधायक अमन मणि त्रिपाठी और उनके साथियों पर पुलिस, प्रशासन के साथ ही डॉक्टर के साथ भी अभद्रता का आरोप लगाया।
डीजीपी अशोक कुमार (क्राइम) के अनुसार विधायक अमन मणि को मुनिकीरेती क्षेत्र में पकड़ा गया। विधायक समेत 12 लोगों के खिलाफ धारा 188 और राष्ट्रीय आपदा एक्ट में मामला दर्ज किया गया। बाद में निजी मुचलने पर उन्हें व उनके साथियों को छोड़ा गया।