कबूतरों, कौवों और बगुलों की मौत ने वन विभाग और पशुपालन विभाग के अधिकारियों की मुसीबतें बढ़ा दी हैं। पक्षियों के मरने की सूचनाएं लगातार मिलने की वजह से दोनों विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मंगलवार को दिनभर भागदौड़ करते नजर आए।
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. एसबी पांडे का कहना है कि पक्षियों के मरने की जानकारी जहां से भी आ रही है वहां विभागीय कर्मचारियों की टीमें भेजी जा रही हैं। पक्षियों के शवों को दफनाने के साथ ही उनके नमूने प्रयोगशाला भेजे गए हैं।
एम्स परिसर में तीसरे दिन छह कौवे मृत मिले, हड़कंप
ऋषिकेश एम्स परिसर में छह कौवे मृत मिले। वहीं डोईवाला में भी तीन कौवे मरे हुए मिले। एम्स परिसर में लगातार तीसरे दिन कौवे मरने की सूचना के बाद वन विभाग में हड़कंप मच गया है। वन विभाग ने एम्स परिसर में मृत मिले कौवों में एक कौवे का सैंपल भरकर भोपाल भेजा है।
वन विभाग के रेंजर महेंद्र सिंह रावत ने बताया कि सुबह एम्स परिसर में मरे हुए कौवे मिलने की सूचना मिली। इसके बाद टीम को सूचना मिली कि आईडीपीएल क्षेत्र में एक प्लॉट में कौवा मरा पड़ा है। वहीं बाइपास से सटे खांडगांव विस्थापित में दो कबूतर मृत मिले। उन्होंने बताया एक कौवे का सैंपल लेकर राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशु संस्थान (एनआईएचएसए) भोपाल भेजा गया है। बाकी कौओं और कबूतरों को दफना दिया गया है।