उत्तराखंड में बर्ड फ्लू की रोकथाम के लिए सरकार ने राज्य और जिला स्तर पर समितियां गठित कर दी हैं। राज्य स्तर पर अपर मुख्य सचिव एवं कृषि उत्पादन आयुक्त और जिला स्तर पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में समिति बनाई गई हैं। इस संबंध में सचिव पशुपालन आर. मीनाक्षी सुंदरम ने आदेश जारी किए हैं।
राज्य स्तरीय समिति में अध्यक्ष अपर मुख्य सचिव, सदस्य प्रमुख सचिव या सचिव स्वास्थ्य, प्रमुख सचिव वन, सचिव पशुपालन, कुलपति पंतनगर विश्वविद्यालय, स्वास्थ्य महानिदेशक, मुख्य वन जीव प्रतिपालक, निदेशक पशुपालन होंगे। जिला स्तरीय समिति में जिलाधिकारी अध्यक्ष, सदस्य मुख्य चिकित्साधिकारी, जिले के सभी प्रभागीय वनाधिकारी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी होंगे। राज्य और जिला स्तरीय कमेटी बर्ड फ्लू को लेकर केंद्र की ओर से जारी दिशानिर्देशों का पालन सुनिश्चित कराने की कार्रवाई करेंगे।
वहीं, मंगलवार को 78 पक्षी मृत पाए। इसमें से नौ प्रवासी पक्षी भी हैं। प्रदेश में प्रवासी पक्षियों के मृत मिलने से वन विभाग की चिंता बढ़ी है। नोडल अधिकारी कपिल लाल ने बताया कि नौ प्रवासी पक्षियों के मृत पाए जाने का मामला केंद्रीय तराई वन प्रभाग का है। इनके सैंपल ले लिए गए हैं। इन पक्षियों सहित गढ़वाल और कुमाऊ मंडल में कुल 78 पक्षी मृत पाए गए।
उन्होंने बताया कि जिला स्तर पर नोडल अधिकारी बना दिए गए हैं। इसके साथ ही हेल्पलाइन नंबर भी जारी कर दिए गए हैं। सभी आद्र भूमि, जलाशयों आदि की निगरानी की जा रही है। वन मंत्री हरक सिंह के मुताबिक वन विभाग के स्तर से लोगों से अपील की गई है कि वे अपने स्तर पर मृत पक्षियों को हटाने की कोशिश न करें और इसकी सूचना वन विभाग को दें।
ड्रोन फोर्स का भी हो रहा है इस्तेमाल
प्रवासी पक्षियों के मूवमेंट को ट्रैक करने के लिए वन विभाग के स्तर से ड्रोन फोर्स का इस्तेमाल किया जा रहा है। मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक जेएस सुहाग ने बताया कि बैगुुल, शारदा सागर आदि जलाशयों में इसका उपयोग किया जा रहा है।
रुड़की में पोल्ट्री फार्मों से 25 सैंपल जांच के लिए भेजे
प्रदेश में बर्ड फ्लू के मामलों की पुष्टि के बाद मंगलवार को पशु चिकित्सा विभाग की टीमों ने रुड़की समेत विभिन्न क्षेत्रों से पोल्ट्री फार्म और बैक यार्ड में मुर्गों के 25 सैंपल लिए गए हैं, जिन्हें जांच के लिए बरेली लैब में भेजा गया हे। वहीं दूसरी ओर एक कौए का बिसरा भी जांच के लिए भेजा है।
बर्ड फ्लू के मद्देनजर प्रदेश में अलर्ट जारी किया गया है। साथ ही सैंपल लेने के निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत मंगलवार को पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. उमेश भट्ट ने टीम के साथ विभिन्न क्षेत्रों से मुर्गों से 25 सैंपल लिए हैं। उन्होंने बताया कि पिरान कलियर में बैक यार्ड से पांच मुर्गे मुर्गियों के सैंपल लिए गए हैं। जबकि इमलीखेड़ा में पोल्ट्री फार्म से आठ सैंपल, नन्हेड़ा में बैक यार्ड से चार सैंपल, बंदाखेड़ी में बैक यार्ड से चार सैंपल और नगर निगम रुड़की क्षेत्र में पनियाला रोड से बैक यार्ड से चार सैंपल लिए गए हैं।
डॉ. भट्ट ने बताया कि सभी सैंपल जांच के लिए बरेली स्थित लैब में भेजे गए हैं। उन्होंने बताया कि जो सैंपल लिए गए हैं, उनमें बर्ड फ्लू के लक्षण हो सकते हैं। फिलहाल रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। मुर्गी पालकों को मेडिसीन भी उपलब्ध कराई जा रही है। इसी के साथ पिछले दिनों सोलानी नदी के समीप मिले कौए का बिसरा भी जांच के लिए भेजा गया है। इस दौरान टीम में एसके सिंह, बिरेश बल आदि मौजूद रहे।