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Bird Flu: उत्तराखंड में 11 जिलों के पोल्ट्री फार्मों से भेजे गए सैंपलों में नहीं मिला बर्ड फ्लू का संक्रमण

Sun, 17 Jan 2021 09:26 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

  • आईवीआरआई बरेली से मिली पोल्ट्री फार्मों से भेजे गए सैंपलों की रिपोर्ट
  • चंपावत और बागेश्वर जिलों से भेजे गए सैंपलों की रिपोर्ट आनी बाकी
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- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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विस्तार
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उत्तराखंड में पोल्ट्री फार्म बर्ड फ्लू संक्रमण से सुरक्षित हैं। पशुपालन विभाग की ओर से एहतियाती तौर पर प्रदेश भर के पोल्ट्री फार्मों से एक हजार से अधिक सैंपल जांच के लिए (भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान) आईवीआरआई बरेली भेजे गए थे। इनमें से 11 जिलों के सैंपलों की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। जबकि चंपावत व बागेश्वर जिले के सैंपलों की रिपोर्ट अभी नहीं आई है।

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प्रदेश में कोटद्वार और देहरादून क्षेत्र में मृत कौवों के सैंपलों में बर्ड फ्लू मिलने के बाद पशुपालन विभाग ने एहतियाती तौर पर सभी जिलों में पोल्ट्री फार्म से सैंपलिंग की थी। प्रदेश भर से एक हजार से अधिक सैंपल जांच के लिए आईवीआरआई बरेली भेजे गए थे। इनमें से 11 जिलों से भेजे गए सैंपलों की रिपोर्ट निगेटिव आई है। जबकि चंपावत व बागेश्वर जिलों से भेजे गए सैंपलों की रिपोर्ट आनी बाकी है।

पशुपालन निदेशक डॉ.केके जोशी ने बताया कि प्रदेश में अभी तक पोल्ट्री सेक्टर बर्ड फ्लू से सुरक्षित है। उन्होंने बताया कि विभाग की ओर से जिला स्तर पर गठित रेपिड रिस्पांस टीम के माध्यम से पोल्ट्री फार्म की नियमित रूप से निगरानी की जा रही है।
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देहरादून में 26 और कौवे मृत मिले 

बर्ड फ्लू की आशंकाओं के बीच राजधानी दून के साथ ही जिले के विभिन्न इलाकों में पक्षियों की मौत का सिलसिला थम नहीं रहा है। रविवार को पूरे जिले में 26 कौवे मरे पाए गए। मृत कौवों को दफ़ना दिया गया है और कुछ के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। वहीं जिले में अबतक 700 से अधिक कौवों की मौत हो चुकी है। 

मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. एसबी पांडे ने बताया कि जहां से भी कौवों के मरने की जानकारी आ रही है। वहां टीम भेजकर जांच कराई जा रही है। जांच में कौवों की मौत बर्ड फ्लू से होने की बात है, लेकिन यह वायरस खतरनाक स्तर का नहीं है।

पक्षियों के शव दफनाने के साथ ही उनके नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। विभागीय टीमें जिले के सभी पोल्ट्री फार्म पर नजर बनाए हुए हैं। अभी तक जिले के किसी पोल्ट्री फॉर्म से मुर्गियों के मरने की जानकारी नहीं आई है।
 
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