उत्तराखंड समेत देश के कई राज्यों में फैली बर्ड फ्लू बीमारी से दून चिड़ियाघर के देशी, विदेशी पक्षियों को बीमारी से बचाने को लेकर चिड़ियाघर प्रशासन की ओर से कई एहतियाती कदम उठाए गए हैं।
दून चिड़ियाघर में शुतुरमुर्ग, ऐमू, मकाउ, अफ्रीकन ग्रे, मोर, कोकोटेल, लव बर्ड, बजरीगर प्लम हेडेड पैरट, संगनूर, कॉलीज, गोल्डन फीजेंट, सिल्वर फीजेंट, उल्लू, इंडियन वल्चर समेत 25 से अधिक देशी, विदेशी प्रजातियों के पक्षियों में बर्ड फ्लू बीमारी न फैलने पाए इसके लिए चिड़ियाघर प्रशासन की ओर से पक्षियों के बाड़ों में ग्रीन सीट लगाई गई है।
वन क्षेत्राधिकारी मोहन सिंह रावत ने बताया कि जिस तरीके से बर्ड फ्लू बीमारी फैल रही है, उसे देखते हुए चिड़ियाघर के देशी, विदेशी पक्षियों को सुरक्षित बचाना बड़ी चुनौती है। बर्ड फ्लू बीमारी से संक्रमित हुए कबूतर समेत अन्य प्रजातियों के पक्षी चिड़ियाघर के पक्षियों के संपर्क में न आएं।
इसके लिए पक्षियों के बाड़ों में ग्रीन सीट लगाने के साथ ही जाल लगा दिए गए हैं। साथ ही बाड़ों के पास कर्मचारियों की ड्यूटी भी लगाई गई है। क्षेत्राधिकारी मोहन सिंह रावत ने बताया कि फिलहाल चिड़ियाघर के पक्षियों में बर्ड फ्लू बीमारी का कोई खतरा नहीं है, लेकिन इसके बावजूद तमाम सावधानियां बरती जा रही हैं।
3600 पर्यटकों ने किया चिड़ियाघर का भ्रमण
वन क्षेत्राधिकारी मोहन सिंह रावत ने बताया कि रविवार को अवकाश होने के चलते बड़ी संख्या में पर्यटक दून चिड़िया घर पहुंचे। आंकड़ों के मुताबिक कुल 3600 पर्यटक चिड़िया घर पहुंचे और दुर्लभ प्रजाति के पक्षियों, वन्यजीवों का दीदार करने के साथ ही साहसिक खेलों का भी आनंद लिया।