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Bird Flu in Uttarakhand : हरिद्वार में 50 पोल्ट्री फार्मों से लिए जाएंगे सैंपल, भोपाल में होगी जांच

Sat, 09 Jan 2021 03:04 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal अंकित कुमार गर्ग, अमर उजाला, रुड़की
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बर्ड फ्लू का अलर्ट जारी - फोटो : social media
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बर्ड फ्लू का अलर्ट जारी होने के बाद हरिद्वार जिले में शुरुआती चरण में 50 पोल्ट्री फार्मों से सैंपल लिए जाएंगे। इन सैंपलों की जांच भोपाल स्थित लैब में कराई जाएगी। रिपोर्ट आने में करीब एक हफ्ते का वक्त लगेगा। तैयारियों के मद्देनजर जिले के सभी पशु चिकित्सा केंद्रों पर 20-20 पीपीई किटें भेजी गई हैं।

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इसके अलावा सैंपलिंग किट समेत अन्य जरूरी सामानों की खरीदारी भी शुरू हो गई है। बर्ड फ्लू की आशंका को देखते हुए पशु चिकित्सा विभाग हरकत में आ गया है। जिला पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. योगेश भारद्वाज ने जिले के पशु चिकित्सा केंद्र के चिकित्साधीक्षकों की बैठक ली और केंद्र की ओर से जारी एसओपी का पालन कराने के निर्देश दिए।

साथ ही पोल्ट्री फार्मों से सैंपल कलेक्शन की योजना तैयार की। डॉ. भारद्वाज ने बताया कि जिले में 16 पशु चिकित्सा केंद्र और एक मोबाइल अस्पताल है। सभी में 20-20 पीपीई किटें भेज दी गई हैं। रविवार से जिले के पोल्ट्री फार्म से सैंपल लिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि शुरुआती चरण में 50 सैंपल क्लेक्ट किए जाने हैं।
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इन सैंपलों को जांच के लिए भोपाल स्थित लैब में भेजा जाएगा। इसके अलावा बरेली में भी लैब है। यहां भी जांच के लिए सैंपल भेजे जाने पर विचार किया जा रहा है। सैंपल कलेक्शन के किट समेत अन्य सभी जरूरी सामानों की खरीद शुरू कर दी गई है। 

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पोल्ट्री फार्मों में बाहरी व्यक्तियों की आवाजाही प्रतिबंधित

बर्ड फ्लू के मद्देनजर केंद्र सरकार की ओर एसओपी जारी कर दी गई है। डॉ. योगेश भारद्वाज ने बताया कि जिले के सभी पोल्ट्री फार्मों पर बाहरी व्यक्तियों के आने जाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। फार्म संचालकों को भी गाइडलाइन का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।

वन विभाग रखेगा पक्षियों की गतिविधियों पर नजर 

पोल्ट्री फार्म पशु चिकित्सा विभाग के अंतर्गत आते हैं, जो मुर्गों की सैंपलिंग कर सकते हैं, लेकिन कौआ समेत अन्य पक्षियों का दायरा वन विभाग के क्षेत्र में है। पशु चिकित्सा अधिकारी के अनुसार, जंगलों में कौआ या किसी अन्य पक्षियों में लक्षण दिखाई देने पर वन विभाग के अधिकारियों को ही सूचित करना होगा। ऐसे में बर्ड फ्लू के अभियान के मद्देनजर जिला प्रशासन और वन विभाग से भी समन्वय स्थापित किया जाएगा। 

यह है लक्षण 

पशु चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि बर्ड फ्लू में पक्षियों में सांस की नली में समस्या आती है। आतों में इंफेक्शन होता है। इसकी वजह से उनकी मौत हो जाती है। फिलहाल चिंता की कोई बात नहीं है। मांस को उबालकर और अच्छे से पकाकर ही खाना चाहिए। 

यह बरते सावधानी

बर्ड फ्लू के मद्देनजर अतिरिक्त सावधानी बरतने पर जोर दिया जा रहा है। इसके तहत पोल्ट्री फार्म संचालकों को चूने का छिड़काव करने और पोटैशियम परमेगनेट के प्रयोग की सलाह दी गई है। साथ ही काम करते समय हर वक्त दस्ताने का प्रयोग करने को कहा गया है।
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