दुनिया भर में अभी तक इंसानों में बर्ड फ्लू के 862 मामले सामने आए हैं, जिनमें से 455 मामलों में मौत भी हुई है। हालांकि भारत में आज तक बर्ड फ्लू से किसी व्यक्ति के मरने का एक भी मामला सामने नहीं आया है।
उन्होंने बताया कि कई जगहों से कबूतरों के भी करने की सूचनाएं आई हैं, जहां सैंपलिंग की जा रही है। कबूतरों के मरने का कारण भी जांच रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट हो पाएगा।
70 डिग्री तक अंडे-मुर्गा खाने पर कोई खतरा नहीं
पशुपालन निदेशक ने बताया कि वैज्ञानिक रूप से यह साबित हो चुका है कि 70 डिग्री तापमान तक मुर्गा या अंडा पकाकर खाने में बर्ड फ्लू का कोई खतरा नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि पोल्ट्री फार्म अभी तक सुरक्षित हैं, जिनकी निगरानी की जा रही है।
पशुपालन विभाग ने बर्ड फ्लू के खतरे के बीच टोल फ्री नंबर 18001208162 जारी किया है। सभी लोगों से अपील की गई है कि अगर कहीं भी कोई मृत पक्षी मिले तो उसकी सूचना इस नंबर पर जरूर दें, ताकि उनकी रैपिड एक्शन टीम मौके पर पहुंचकर सैंपल एकत्र कर सके।
बर्ड फ्लू मिला तो एक किलोमीटर दायरे में मारी जाएंगे पक्षी
केंद्र सरकार की गाइडलाइंस के मुताबिक अगर किसी क्षेत्र में बर्ड फ्लू का खतरनाक एच5एन1 वायरस मिलता है तो उसके एक किलोमीटर दायरे में पक्षियों खासकर पोल्ट्री फार्म में मुर्गियों को मारा जाएगा। उसके 10 किलोमीटर दायरे में कड़ी निगरानी और सैंपलिंग की जाएगी।
बर्ड फ्लू के खतरे के बाद पशुपालन विभाग ने सभी पोल्ट्री फार्मों पर बाहरी व्यक्तियों और बाहरी वाहनों का प्रवेश बंद करा दिया है। साथ ही जिस पोल्ट्री फार्म में पेड ़ खड़े हुए हैं, उनकी लॉपिंग कराने के भी निर्देश दिए गए हैं, ताकि उन पर बाहरी पक्षी आकर न बैठें।
साइबेरियन पक्षियों की बीट की होगी जांच
बर्ड फ्लू के उत्तराखंड में दस्तक देने के पीछे साइबेरियन पक्षियों को भी वजमह माना जा रहा है। लिहाजा, पशुपालन विभाग, वन विभाग की मदद से इन पक्षियों की बीट के सैंपल भी जांच के लिए लैब भेजेगा।
डोईवाला क्षेत्र में कौवे मरने की घटना लगातार तीसरे दिन सामने आई है। मंगलवार को नांगल ज्वालापुर में दो, मिस्सरवाला में एक कौवा मृत मिला। सिमलास ग्रांट के पूर्व प्रधान उम्मेद सिंह बोरा ने बताया कि कौवा मरने की सूचना उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों को दी। सूचना के बाद लच्छीवाला रेंज से वनकर्मी मौके पर पहुंचे। वहीं लगातार तीसरे दिन कौवे मरने की सूचना के बाद लोगों में दहशत है।
मृत अवस्था में मिली जंगली मुर्गी
राजाजी टाइगर रिजर्व की मोतीचूर रेंज में जंगल सीमा से सटे खांडगांव नंबर एक में एक मकान के पिछले हिस्से में एक जंगली मुर्गी मृत अवस्था में मिली। मंगलवार को राजाजी टाइगर रिजर्व के वनकर्मियों को पूर्व पंचायत सदस्य शांति नेगी की ओर से फोन पर घर के पिछले हिस्से में एक जंगली मुर्गी के मृत अवस्था में पड़े होने की सूचना दी गई।
इसके बाद वनकर्मियों और पशुचिकित्सकों की टीम मौके पर पहुंची और मृत मृर्गी और उसके अलावा कुछ दूरी पर मृत अवस्था में मिले एक कौवे को सैंपलिंग के लिए सुरक्षित कर लिया गया। रेंज अधिकारी महेंद्र गिरी ने बताया कि जंगली मुर्गी के मरने की पहली घटना है। सैंपलिंग की जांच के बाद अगला कदम उठाया जाएगा।